भारतीय जैन मिलन क्षेत्र संख्या चार के अधिवेशन में महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने समाज में महिलाओं के योगदान पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को अधिकार प्राप्ति के लिए संघर्ष करना होगा। देशहित में महिलाओं ने काफी कार्य किया है। महिलाओं के योगदान को हमेशा सराहा गया है।
रविवार को महावीर चौक स्थित एक बैंक्वट हॉल में भारतीय जैन मिलन क्षेत्र संख्या चार का प्रथम वार्षिक क्षेत्रीय महिला अधिवेशन आयोजित किया गया। इसमें दूरदराज से समाज की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
सम्मेलन का शुभारंभ दीपा जैन, सोनिया जैन पारस टीएमटी ने ध्वजारोहण करके किया। मंच उद्घाटन निर्मला जैन, चित्र अनावरण राजबाला जैन, दीप प्रज्वलन अलका जैन प्रधानाचार्य ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में रुड़की से कोमल जैन उपस्थित रहीं।
अधिवेशन में सपना जैन, पद्मलता जैन, नीलम जैन द्वारा सभी अतिथियों का तिलक लगाकर और पटका पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में विशिष्ट संरक्षक जयचंद जैन ने कहा कि आज के युग में महिलाएं हर क्षेत्र में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहीं हैं, ये उनके सशक्तीकरण का प्रमाण है।
आज वो पूर्ण रूप से स्वतंत्र हैं और हर कार्य करने के लिए सक्षम हैं। समाज के उत्थान में हमेशा ही महिलाओं का विशेष योगदान रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज ने कहा कि जैन महिलाएं अनादिकाल से ही समाज में उत्थान के लिए कार्य कर रही हैं।
धर्म की प्रभावना सबसे ज्यादा महिलाओं में ही देखी जाती है। कार्यक्रम में देहरादून से आए नरेश जैन , राजकमल जैन, मनोज कुमार जैन, श्रेयांश जैन, मनमोहन जैन, पीसी जैन को पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।
अधिवेशन में अलका जैन, डॉ रेखा जैन, डॉ ज्योति जैन, महेंद्र जैन, नीरज जैन, सुनील जैन, सुभाष, दिनेश विरेंद्र जैन, हर्ष, राकेश, नरेंद्र, नीलम जैन, मनोरमा, अंजली, अलका, पूनम, मनीषा, वीणा, आभा, निधि, सुमन, आकांक्षा, रेखा, विशन, मोनिका, स्वाति, दीपा, आभा सोलंकी, अर्चना आदि मौजूद रहे। संचालन सुमन जैन और ज्योति जैन ने किया।