देवबंद में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन में विचार रखती महिलाएं।
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खराब मौसम में भी धरने पर डटी रहीं महिलाएं
देवबंद (सहारनपुर)। सीएए, एनपीआर और संभावित एनआरसी को लेकर मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी का धरना प्रदर्शन 34वें दिन भी जारी रहा। तेज हवा और बारिश होने के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं ईदगाह मैदान पर पहुंचीं और संविधान बचाने व सीएए की वापसी तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
ईदगाह मैदान में चल रहे धरना प्रदर्शन में शनिवार को कमेटी की अध्यक्ष आमना रोशी ने कहा कि मौसम की यह मार सरकार की उस मार से कहीं ज्यादा बेहतर है जो सीएए और एनआरसी के नाम से देशवासियों को देने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने गलत फैसले पर जितना चाहे अड़ियल रुख अपना ले, लेकिन उनका हौंसला डगमगाने वाला नहीं है। सरकार के रुख से उनके इरादों में और मजबूती पैदा हो रही है। इसलिए वह बार बार संकल्प दोहरा रहीं कि जब तक सरकार काले कानून को वापस नहीं लेती वह आंदोलन से पीछे हटने वालीं नहीं हैं। इरम उस्मानी ने कहा कि संविधान और हिटलरशाही की इस लड़ाई में जीत देश की बेटियों की ही होगी। बस देखना यह है कि केंद्र सरकार बेटियों पर ओर कितना जुल्म करती है। उन्होंने कहा कि सीएए लाकर सरकार ने जो गलत फैसला किया है विश्व स्तर पर उसको लेकर बड़ी फजीहत हो रही है। सरकार का झूठा देश प्रेम मुल्क और यहां के नागरिकों पर भारी पड़ रहा है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह अपने गलत फैसले पर हठधर्मी वाला रवैया समाप्त करे और काले कानून को वापस लेने का काम करे। वहीं, शनिवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली तो तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। लेकिन उसके बाद भी ईदगाह मैदान में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं और संविधान को बचाने का संकल्प लिया।