मुजफ्फरनगर। डाक सेवा-जन सेवा के संकल्प के साथ जुड़ कर महिलाएं न केवल अपने खाली समय का सदुपयोग कर रही हैं बल्कि अभिकर्ता बनकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। डाकघर की योजनाओं पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), एनएससी, किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं से जोड़ने का कार्य महिलाएं अपने खाली समय में सुविधा के साथ करती हैं।
महिला सशक्तिकरण और उनको वितीय साक्षरता देने के उद्देश्य से डाकघरों में महिला प्रधान क्षेत्रीय बचत योजना के साथ महिलाओं को अभिकर्ता के रूप में कार्य करने का अवसर दिया गया था। शुरुआत में बड़े शहरों में महिलाओं ने इसमें भाग लिया और फिर धीरे-धीरे अन्य जगहों पर भी यह प्रयोग कारगर सिद्ध हुआ। इसके जरिए ऐसी महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं, जो परिवार और अन्य परिस्थितियों के चलते फुलटाइम जॉब या व्यवसाय नहीं कर पा रही थीं। महिलाओं ने इस विकल्प को उत्साह के साथ चुना और लक्ष्य को पूरा कर खुद के और अन्य के भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं।