शादी की मन्नत पूरी होने पर पुरकाजी से अपनी पत्नी काजल व भाई रवि के साथ 101 लीटर गंगाजल की कलश
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा में इस बार बड़ी संख्या में महिलाएं अपने पतियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पैदल यात्रा कर रही हैं। जीवनसाथी का साथ निभाने और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने की भावना के साथ पत्नियां कठिन यात्रा में भी पीछे नहीं हैं। बारिश, थकान और लंबी दूरी के बावजूद वे पति का हौसला बढ़ाते हुए कदम से कदम मिलाकर मंजिल की ओर बढ़ रही हैं।
गुरुवार को शिव चौक से गुजर रहे कई दंपतियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते को और मजबूत करने का अवसर भी है। साथ चलने से एक-दूसरे को समझने और सहयोग करने की भावना बढ़ती है। भगवान शिव और माता पार्वती के आदर्श दांपत्य से प्रेरणा लेकर यात्रा साथ कर रहे हैं।
दिल्ली के मौजपुर की रहने वाली राजवंती ने बताया कि उनके पति निजी कंपनी में कार्यरत हैं। पिछले पांच वर्षों से दोनों साथ कांवड़ लेकर आते हैं। उनका कहना है कि भगवान भोलेनाथ ने परिवार पर हमेशा कृपा बरसाई है और यही कामना है कि आगे भी हर वर्ष पति के साथ इसी तरह कांवड़ यात्रा करती रहें।
गाजियाबाद की प्रियंका पहली बार अपने पति विपिन के साथ कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में लंबी पैदल यात्रा को लेकर मन में संकोच था, लेकिन पति का साथ मिलने से पूरा सफर आसान लग रहा है। उनका कहना है कि साथ चलने से आपसी विश्वास और समझ भी मजबूत हुई है।
वहीं, दिल्ली की प्रियंका ने बताया कि उनके पति गिरिश शादी से पहले कई बार कांवड़ यात्रा कर चुके हैं। विवाह के दो वर्ष बाद इस बार वह पहली बार उनके साथ यात्रा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जीवनसाथी का साथ होने से कठिन रास्ता भी आसान महसूस हो रहा है और शिवभक्ति के साथ रिश्ता भी मजबूत हो रहा है।
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