बैंक्वेट हॉल में अब बिना लाइसेंस के कैटरिंग चूल्हा नहीं चढ़ा सकेंगे। बारात घर में बनने वाले भोजन की भी जांच-पड़ताल होगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने तैयारी कर ली है। पहले बैंक्वेट हॉल स्वामियों के साथ मीटिंग होगी, जिसमें नियम-कायदों को समझाया जाएगा। उसके बाद कैटरिंग और हलवाई को विभाग की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अब तक बैंक्वेट हॉल में बनने वाले भोजन की जांच-पड़ताल में खाद्य सुरक्षा विभाग पीछे रहता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बैंक्वेट हॉल में शादी-समारोह हो या अन्य कोई पार्टी, कार्यक्रम, सब में भोजन की व्यवस्था होती है। इनमें पेय पदार्थ भी शामिल रहते हैं। यह खाद्य पदार्थ किस स्तर के मसालों, स्थान समेत प्रशिक्षित लोगों द्वारा बनाए जा रहे हैं या नहीं, इसकी जानकारी जुटाना मुश्किल है। खाद्य सुरक्षा विभाग अब बैंक्वेट हॉल में खाना बनाने वाले कैटरिंग के लाइसेंस की जांच करेगा।
बिना लाइसेंस वाले कैटर चूल्हा, भट्ठी नहीं चढ़ा सकेंगे। विभाग ने हलवाइयों समेत कैटरिंग का कार्य करने वालों की बैंक्वेट हॉल स्वामियों से जानकारी मांगी है। इसके लिए तहसील स्तर पर भी जानकारियां जुटाई गई हैं। उसके बाद विभाग बैंक्वेट हॉल स्वामियों के साथ मीटिंग कर नियम-कायदों से अवगत कराएगा। इसके बाद कैटरिंग और हलवाई, वेटर आदि को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राहुल कुशवाह ने बताया कि बैंक्वेट हॉल में खुले में खाना नहीं बनेगा। कैटरिंग, हलवाई का फूड सेफ्टी विभाग लाइसेंस जारी करेगा। यह लाइसेंस बैंक्वेट हॉल स्वामी को भी रखना जरूरी होगा। जल्द ही इन लोगों की मीटिंग लेकर नियम बताए जाएंगे।
खुले में नहीं बना सकेंगे खाना
मुजफ्फरनगर। अक्सर बैंक्वेट हॉल या रेस्टोरेंट में शादी-समारोह, पार्टी के दौरान खुले आसमान के नीचे तवा-परात चढ़ती है। रोटियां, दाल, साग-सब्जी खुले आसमान के नीचे रखी रहती हैं और लोगों को भोजन परोसा जाता है। ऐसा ही हलवाई करते हैं। खुले में ही जलेबी, दूध के साथ अन्य सामान रखते हैं। अब बैंक्वेट हॉल में इस पर रोक लगेगी। कैटरिंग भोजन को रसोईघर में ही बनाएंगे। इस पर मुख्य रूप से जोर दिया जा रहा है।
यह रहेगा प्रशिक्षण का हिस्सा
खाद्य सुरक्षा विभाग कैटरिंग, हलवाई को भोजन बनाने कैटरिंग को खाना में मसालों, तेल समेत अन्य सामग्री का कितना और किस स्तर का इस्तेमाल किया जाना है, इसकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही भोजन बनाते समय किन-किन बातों का विशेष ख्याल रखा जाना है। इसका भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विभाग ने मांगी मंडपों की जानकारी
मुजफ्फरनगर। जिलेभर में सैकड़ों की तादाद में बैंक्वेट हॉल हैं। वर्तमान में शादियों का सीजन है। जिसके चलते मंडप फुल चल रहे हैं। ऐसे में विभाग ने सभी बैंक्वेट हॉल की जानकारी मांगी है। साथ ही बैंक्वेट हॉल स्वामियों को यह बताना होगा कि उनके यहां कितने व्यक्तियों के भोजन खाने, बनाने की व्यवस्था है।