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मौसम में ठंडक बरकरार, डरा रहा पानी का वार

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मौसम में ठंडक बरकरार, डरा रहा पानी का वार
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मुजफ्फरनगर। तेज रफ्तार हवा से हवाओं के चलने के कारण मौसम में ठंडक बनी हुई है। ऐसे में ठंडे पानी का वार आपको बीमार कर सकता है। इसलिए होली पर ठंडे पानी से बचकर रहना ही बेहतर है। गीले रंगों के बजाय गुलाल से होली खेलें।
पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद ठंड का असर बढ़ा हुआ है। कई दिन से ठंडी हवा चल रही है। इससे दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड बनी रहती है। सुबह-शाम तो ठंडक काफी बढ़ जाती है। लोग दुल्हैंडी के दिन पानी में रंग घोलकर एक-दूसरे पर फेंकते हैं। इस बार मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रंगों से होली खेलना सेहत के लिए खतरा है। ज्यादा भीगे तो बीमार पड़ना तय है। सोमवार को दिन भर ठंडी पश्चिमी हवा चलती रही। हवा की रफ्तार 17 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही। धूप निकलने के बावजूद ठंड का असर बना रहा। सुबह-शाम ठंड और बढ़ गई है। ऐसे में मौसम में ठंडे पानी से होली खेलने से बचना ही बेहतर है।
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बदलते मौसम में बरतें सावधानी
चिकित्सक भी मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. वीके जौहरी बताते हैं कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए ठंडे पानी में भीगना ठीक नहीं है। मौसम में हो रहे बदलाव और ठंडे पानी के असर से सर्दी लग सकती है। जुकाम, खांसी एवं बुखार की चपेट में आने का डर है। उनका कहना है कि पानी के रंगों के बजाय गुलाल से होली खेलें। ठंडी चीजों के सेवन से बचें।
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बीते वर्षों से कम है इस बार तापमान
इस बार होली पर तापमान बीते वर्षों के मुकाबले कम है। 2018 में होली एक मार्च का होलिका दहन था और दो मार्च की दुल्हैंडी थी। इसके बावजूद तापमान इस साल से ज्यादा था। 2019 में 20 मार्च को होली का त्योहार मनाया गया। इस दिन तापमान 29 डिग्री से भी ज्यादा था। इस बार तापमान में पिछले वर्षों के मुकाबले काफी कमी है।
बीते वर्षों में होली पर तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2018 27.8 13.0
2019 29.2 14.2
2020 23.3 8.4
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