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सरकार की हिटलरशाही के खिलाफ एकजुट रहेंगे

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धरना स्थल पर चरखे से सूत की कताई करती महिला - फोटो : DEVBAND
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सरकार की हिटलरशाही के खिलाफ एकजुट रहेंगे
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देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और संभावित एनआरसी को लेकर मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी का सत्याग्रह 38वें दिन भी जारी रहा। महिलाओं ने हिंदुस्तान जिंदाबाद और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाते हुए सभी से सरकार की हिटलरशाही के खिलाफ एकजुट रहने का आह्वान किया।
ईदगाह मैदान में चल रहे महिलाओं के धरना प्रदर्शन में बुधवार को रहनुमा और निशा उस्मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने सीएए के खिलाफ उठी आवाजों को दबाने की भरपूर कोशिशें की, लेकिन सच की आवाज न दबी है और न ही कभी दबेगी। इसके उल्ट पूरे देश में सीएए का विरोध होने लगा और लोग सड़कों पर उतर आए। इससे सरकार घिरती दिखाई दी तो दिल्ली में षड्यंत्र के तहत हिंसा करा दी गई। मगर यह देश की बेटियों की आवाज है, सरकार कुछ भी कर लें, उनका यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा, जब तक सीएए वापस नहीं ले लिया जाता। हादिया जहांगीर ने कहा कि आज सरकार के गलत फैसलों से पूरे देश में बड़ा आंदोलन खड़ा हुआ है, लेकिन सरकार हिटलरशाही की चलते जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। कहा कि संविधान को बचाने के लिए शुरू की गई यह लड़ाई आखिर तक लड़ी जाएगी। उन्होंने सभी से इस लड़ाई में एकजुट रहने का आह्वान किया।
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ईदगाह में लगाया चरखा आकर्षण का केंद्र बना
देवबंद। महिलाओं के अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में मंगलवार की रात्रि चरखा लगाया, जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की याद को ताजा कर रहा था। यह चरखा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसमें खास बात यह है कि चरखे को कुछ महिलाएं चलाकर उसमें सूत भी कात रही हैं।

देवबंद में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन में शामिल महिलाएं- फोटो : DEVBAND

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