मुजफ्फरनगर के भोपा के नगला बुजुर्ग में नहर के पास विलाप करते डूबे लोगो के परिजन।
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पलक झपकते ही खुशियां हुई काफूर
मुजफ्फरनगर/भोपा। गांव नंगला बुजुर्ग स्थित गंगनहर झाल पुल से मासूम बच्चियों के साथ गंगनहर में महिला के छलांग लगाने से गांव वाले हतप्रभ हैं। पलक झपकते ही खुशियां काफूर हो गई। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। महिला ने आखिर क्यों यह कदम उठाया, अभी इसका जवाब किसी के पास नहीं है। वह ईद मिलन के लिए ननद के घर जाने के लिए घर से निकली थी। महिला का शौहर लॉकडाउन के पहले से हिमाचल प्रदेश में ही रह रहा है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव सरवट निवासी इसरार काफी समय से हिमाचल प्रदेश में पेंटर का काम करता है। करीब चार साल पूर्व इसरार ने हिमाचल प्रदेश की ही रहने वाली जैनब (25) से निकाह किया था। दंपती के परिवार में दो बेटियां इकरा (3) व मिशरा (2) हैं। गत मार्च माह में इसरार काम करने हिमाचल प्रदेश गया था, जो लॉकडाउन के बाद से वहीं रह रहा है। वहीं, जैनब अपनी दोनों बच्चियों के साथ सरवट स्थित ससुराल में ही रह रही थी। महिला के जेठ नौशाद ने बताया कि ईद पर उनकी बहन भूरी पत्नी जाहिद निवासी गांव तेवड़ा ने जैनब को अपने घर बुलाया था, तब वह आ नहीं सकी थी। सोमवार को भूरी का बेटा शाहिद (18) जैनब व उसकी दोनों बच्चियों को लेने बाइक से सरवट आया था। यहां से सभी लोग हंसी-खुशी रवाना हुए थे, लेकिन नंगला बुजुर्ग में जैनब दोनों बच्चियों संग गंगनहर में कूद गई। महिला ने ऐसा क्यों किया, इस संबंध में परिजन कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। नौशाद का कहना है कि उसके भाई से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। वो ही कुछ बता सकता है। इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि महिला ननद के घर ईद मिलने तेवड़ा जा रही थी। नंगला बुजुर्ग में वह दोनों बच्चियों संग गंगनहर में कूद गई। उन्हें बचाने के लिए नहर में कूदा शाहिद भी पानी में समा गया है। सभी की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यदि किसी तरह की तहरीर आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।