मुजफ्फरनगर। ग्राम प्रधानी के चुनाव में कोई बूथ कैप्चरिंग नहीं कर पाएगा। मतदान केंद्रों पर हर दस मिनट बाद एक उच्चाधिकारी के नेतृत्व में टीम बूथों का निरीक्षण करेगी। डीएम निखिलचंद्र शुक्ला की कार्ययोजना में सदर और पुरकाजी ब्लाक के प्रथम चरण के चुनाव में यह व्यवस्था लागू की गई है। चुनाव के लिए जिले को एक बटालियन अतिरिक्त आरएएफ दिया गया है।
प्रधान पद के चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन मुस्तैद है। जिला पंचायत और बीडीसी के चुनाव से ज्यादा चौकसी प्रधान चुनाव को लेकर बरती जा रही है, क्योंकि जिले के नौ ब्लाकों में ऐसे करीब पचास गांव हैं, जहां चुनावी विवाद में संघर्ष और खून खराबा हो सकता है। संवेदनशील गांवों में ऐसे गांव भी हैं, जो धर्म और जाति के हिसाब से तनावपूर्ण माने जाते हैं। 28 नवंबर को सदर और पुरकाजी में मतदान होगा। डीएम ने बताया कि मतदान के दिन मोबाइल टीम की प्लानिंग नए तरीके से की गई है।
हर मतदान केंद्र पर दस मिनट में एक उच्चाधिकारी की टीम पहुंचेगी। टीम केवल बाहर से ही चुनाव कैैसा चल रहा है, यह जानकर आगे नहीं बढ़ेगी। बूथों पर निरीक्षण होगा। एक टीम को पूरे दिन के मतदान में 55 चक्कर लगाने होंगे। वॉट्सअप पर पूरी जानकारी अपडेट रखनी होगी। अब अधिकारी थाने में खड़े होकर गप्पें नहीं लड़ा पाएंगे। शांतिपूर्ण ढंग से प्रधान का चुनाव कराना चुनौती है। शुक्ला ने कहा कि किसी भी हालत में किसी भी बूथ पर कैप्चरिंग नहीं होने दी जाएगी। दबंगों और असामाजिक तत्वों से प्रशासन सख्ती से निपटेगा।
बुढ़ाना के कुरथल में प्रधानी चुनाव की रंजिश में हत्या के बाद डीएम के निर्देश पर जिले के हर थाना क्षेत्र में शांति समिति की बैठक शुरू हो गई है। एसएसपी केबी सिंह ने सीओ को संवेदनशील गांवों में सभी पक्षों को बैठाकर चुनाव से पहले का तनाव खत्म कराने के निर्देश दिए हैं। ग्राम प्रधान चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक एवं प्रमुख सचिव नियोजन आरपी सिंह गुरुवार को जिले में आएंगे। प्रशासन के मुताबिक प्रेक्षक सायं लोनिवि के डाक बंगले पर पहुंचेंगे। जिला पंचायत और बीडीसी चुनाव के अंतिम चरण में भी सिंह ही प्रेक्षक रहे हैं।