नोटबंदी से हर तबका परेशान है। पैसों की किल्लत होने से तंगहाल हुए नवीन मंडी के व्यापारी डीएम दरबार तक पहुंच गए। सप्ताह में 50 हजार बैंक से निकालने की सीमा को नाकाफी करार दिया है। व्यापारियों ने घटते व्यापार का हवाला देकर नगदी निकालने की सीमा बढ़ाने और बैंक में अलग से व्यवस्था किए जाने मांग की है।
बुधवार को दि गुड़ खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के बैनर तले नवीन मंडी के व्यापारी डीएम दिनेश कुमार से मिलने पहुंचे। व्यापारियों ने बताया कि पुरानी करेंसी कोई नहीं ले रहा है, जबकि मंडी में रोजाना आढ़ती, किसान नगद भुगतान मांगते हैं। जबकि नोटबंदी के कारण व्यापारियों के हाथ खाली हैं। नई करेंसी के लिए व्यापारी लाइन में लगे या व्यापार संभालें। रबी का सीजन शुरू हो गया है। किसानों को तत्काल भुगतान में भी दिक्कतें हो रही है।
चूंकि बैंक से व्यापारी सप्ताह में केवल 50 हजार रुपये निकाल सकते हैं, जो नाकाफी है। आढ़तियों की बैंक से धनराशि निकालने की सीमा समाप्त होनी चाहिए। वहीं, व्यापारियों के लिए भी बैंक में अलग से व्यवस्था की जाए। डीएम दिनेश कुमार ने आरबीआई अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता कर उचित समाधान निकलने का आश्वासन दिया। इस मौके पर संजय मित्तल, श्याम सहिं सैनी, कृष्णनंद मूंधड़ा, ओम प्रकाश सिंघल, जितेंद्र कुच्छल, अरविंद बंसल, हरिशंकर, नरेश कुमार, रमेश कुमार, अनुज सिंघल, अमित जैन, सुशील कुमार आदि मौजूद रहे।