मुजफ्फरनगर। मौसम के बदले मिजाज ने लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। करीब 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गर्म हवा चली। दिन का तापमान 40.1 डिग्री पहुंच गया। छह दिन में अधिकतम तापमान 6.6 डिग्री बढ़ा है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम रही। बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या प्रभावित नजर आई।
शनिवार रात का न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री तक पहुंचा, जबकि शुक्रवार रात का न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री रहा। रविवार सुबह से ही गर्मी का प्रकोप बढ़ना शुरू हो गया था। तेज धूप के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। इसके अलावा तेज गर्म हवा भी चली, जिसने त्वचा से झुलसाया। दोपहर के समय गर्मी के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री श्याम सिंह सैनी कहते हैं कि गर्मी के कारण दोपहर में ग्राहकों की संख्या प्रभावित रही।
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इनसेट
इस तरह बदल रहा मौसम
तिथि तापमान
17 मई 40.1 डिग्री
16 मई 38.0 डिग्री
15 मई 36.3 डिग्री
14 मई 35.6 डिग्री
13 मई 34.0 डिग्री
12 मई 33.5 डिग्री
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इनसेट
आज भी तपेगा दिन, चलेगी लू
सोमवार को भी गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोपहर में उत्तर-पश्चिम से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलने का अनुमान लगाया जा रहा।
इनसेट
सुबह जल्दी या शाम को करें कसरत
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया का कहना है कि सुबह जल्दी या शाम को कसरत करें। दोपहर में घर के पर्दे बंद रखें और शाम को खिड़कियां खोलें ताकि घर ठंडा रहे। चक्कर या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत ओआरएस का घोल पिएं। धूप में निकलने से पहले पानी पिएं, छाता लेकर चलें और चश्मे का प्रयोग करें। कसरत या भारी काम सुबह जल्दी या शाम ढलने के बाद ही करें। गर्मी में भोजन जल्दी खराब होता है, इसलिए हमेशा ताजा खाना खाएं।
पशुओं की करें देखभाल, पानी पिलाएं
सीवीओ डॉ. जितेंद्र गुप्ता का कहना है कि पशुओं को गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को ऐसे स्थानों पर बांधें, जहां पर्याप्त छाया हो। इससे उन्हें सीधी धूप और अत्यधिक तापमान से राहत मिलेगी। इसके साथ ही उन्हें दिन में कई बार स्वच्छ और पर्याप्त पानी पिलाते रहना भी बेहद महत्वपूर्ण है। पानी की कमी से पशुओं में डिहाइड्रेशन, कमजोरी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। पशु-पक्षियों के लिए घर की छत या बालकनी में पानी के बर्तन रखें।