मीरापुर के गांव खेड़ी सराय में ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से मकान की दीवार ढह गई। जिसके मलबे में दबने से महिला की मौत हो गई और एक बच्ची बुरी तरह से घायल हुई। जबकि चार बच्चों को दीवार के मलबे से सुरक्षित बचा लिया गया। परिजनों ने बिना कानूूनी कार्रवाई के महिला के शव को दफना दिया।
खेड़ी सराय निवासी शबलू की पत्नी भूरी (32) बृहस्पतिवार सुबह करीब 9:00 बजे अपने मकान में बाहर की ओर दीवार के नीचे बनी रसोई में खाना बना रही थी। इसी दौरान पड़ोस के इरफान पुत्र कलवा ने अपने ट्रैक्टर ट्रॉली बैक किया तो ट्रॉली शबलू की दीवार से टकरा गई। ट्रॉली की टक्कर से दीवार ढह गई और सारा मलबा दीवार के नीचे बैठी भूरी और उसके पास बैठे पांच बच्चों के ऊपर गिर गया।
इस मलबे में भूरी, उसकी आठ साल की बेटी हदीसा को गंभीर चोटें आईं। परिजनों ने मलबे मे दबी डेढ़ साल की सोफिया, गजाला (4), अलीशा (6) और चार माह के शाहिद को किसी तरह से निकाल कर बचा लिया। परिजन गंभीर घायल भूरी और हदीसा को लेकर मेरठ के लिए लेकर चले, लेकिन रास्ते में भूरी ने दम तोड़ दिया।
मृतका के जेठ मंजूर ने बताया कि मेरठ में डॉक्टरों ने भूरी को मृत घोषित कर दिया। घायल हदीसा को उपचार दिलाकर परिजन गांव पहुंचे और बिना किसी पुलिस कार्रवाई के महिला के शव को दफना दिया। सूचना पर पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर हादसे की जानकारी ली। परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया।