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वाजिदपुर कव्वाली मार्ग टूटा, अब पैदल चलना भी मुश्किल

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5-जानसठ के गांव वाजिदपुर कव्वाली का टूटा मेन मार्ग। - फोटो : KHATAULI
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वाजिदपुर कव्वाली मार्ग टूटा, अब पैदल चलना भी मुश्किल
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जानसठ। गांव वाजिदपुर कव्वाली को जाने वाला मुख्यमार्ग पूरी तरह से टूट चुका है। इस मार्ग से ग्रामीणों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो चुका है। गांव के किसान इसी मार्ग से वाहनों से अपने गन्नों की ढुलाई शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र में करते हैं। ग्रामीण कई बार इस मार्ग के निर्माण की मांग को उठा चुके हैं।
रविवार को अमर उजाला की टीम गांव वाजिदपुर कव्वाली के मार्ग के हालात का जायजा लेने पहुंची। गांव का यह मुख्य मार्ग जानसठ के नेशनल हाईवे पानीपत-खटीमा राजमार्ग को जोड़ता है। गांव का यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है। गांव कम्हेड़ा, तेवड़ा, तिस्सा, गांव खेड़ी फिरोजाबाद, नंगला बुजुर्ग, रुड़कली तालाब अली, रुड़कली फतेह अली, जौली आदि गांवों के ग्रामीण समय की बचत के लिए इसी मार्ग से आते जाते रहते हैं। यह मार्ग करीब पंद्रह वर्ष पूर्व बनवाया गया था। इसके बाद इस मार्ग का पुनर्निर्माण नहीं हो सका है।
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-गांव का मुख्य मार्ग की हालत बेहद खराब है। दुपहिये वाहनों से भी इस मार्ग पर चलना दूभर हो चुका है। जनहित में ग्रामीणों की परेशानियों को देखते हुए इस मार्ग का शीघ्र निर्माण होना चाहिए।
अनंगपाल राठी, किसान।
इस मार्ग पर शुगर मिल का गन्ना क्रय केंद्र पर लगता है। अगर शीघ्र ही सड़कों का निर्माण कार्य शुरूनहीं कराया गया तो, किसानों को अपने वाहनों से क्रय केंद्र पर गन्ना डालना भी मुश्किल हो जाएगा। किसानों के हितों के लिए इस मार्ग का निर्माण होना बेहद जरूरी है।
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बिजेंद्र काकरान, पूर्व प्रधान।
गांव में आने जाने के लिए भी अब यह मार्ग ठीक नहीं रहा है। जगह जगह से मार्ग टूटने की वजह से ग्रामीणों के लिए पैदल चलना भी मुश्किल हो चुका है। जनप्रतिनिधियों से मार्ग का निर्माण कराने को कहा भी जा चुका है, इसके बावजूद किसी जनप्रतिनिधि ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
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