अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। गंगा यात्रा के अंतर्गत किनारे के गांवों में जागरूकता कार्यक्रमों पर जोर रहा। चिह्नित किए गए 14 गांवों में विभिन्न विभागों ने शिविर लगाए और ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी। बीते कई दिनों से इन गांवों में जागरूकतापरक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। गांवों को प्राकृतिक खेती से जोडऩे के साथ ही अन्य कई चीजों पर काम चल रहा है।
गंगा यात्रा बैराज से रामराज तक पहुंची तो मुजफ्फरनजर जिले के मीरापुर कस्बे के अतिरिक्त करीब आठ गांव बीच में पड़े। इनमें से चार स्थानों पर ही सीएम का काफिला रुका। इसके अतिरिक्त भी इस यात्रा के मद्देनजर गंगा किनारे के 14 गांवों को चिह्नित किया गया है। इन गांवों में विभिन्न विभागों के सामूहिक प्रयासों से जागरूकतापरक कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। कृषि विभाग को प्रत्येक गांव के 50-50 किसानों का कलस्टर बनाकर उन्हें प्राकृतिक खेती के लिए तैयार करना है। इन गांवों के सात किसानों को कानपुर में प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। सोमवार को चिह्नित किए गए सभी गांवों में शिविर लगाए गए है। उद्यान विभाग, गन्ना, वन विभाग, पंचायती राज विभाग, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग समेत करीब 11 विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी। गंगा को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए लोगों को जागरूक किया गया।
स्कूलों में गूंजे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे
मुजफ्फरनगर। गंगा किनारे के 14 गांवों के अतिरिक्त गंगा यात्रा के रास्ते में पडऩे वाले गांवों के स्कूलों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की अलख जगाई गई। स्कूली छात्र-छात्राओं ने रैलियां निकाली और नाटक आदि का मंचन कर कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा का विरोध करते हुए नारी सशक्तिकरण पर जोर दिया।