चरथावल। दूधली और कयामपुर के जंगल में तीन तेंदुए देखे जाने से ग्रामीण दहशत में हैं। तेंदुए ने एक नीलगाय को शिकार बना डाला।
वन विभाग की टीम और पुलिस ने मौके का मुआयना किया। टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लाने की बात कहकर लौट गई।
दूधली और कयामपुर में बीते तीन दिन से जंगल में तेंदुए होने की जानकारी मिल रही थी, लेकिन कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल रहा था।
शुक्रवार को सुबह जंगल में ग्रामीण सुरेश को एक तेंदुआ नजर आया तो वह घबराकर उल्टे पैर गांव लौट आया। उसने यह खबर लोगों को दी, तो काफी संख्या में ग्रामीण जंगल की ओर दौड़ पड़े।
काफी तलाश करने पर भीड़ को तेंदुआ नजर नहीं आया, लेकिन एक नीलगाय का खाया हुआ शव मिलने से शक हकीकत में तब्दील हो गया।
ग्राम प्रधान रवींद्र पुंडीर ने पुलिस और वन विभाग को सूचित किया। बिरालसी चौकी प्रभारी राजकुमार और वन विभाग की टीम मौके पर आई।
तेंदुए के निशान और शिकार बनी नीलगाय को देखा। ग्राम प्रधान ने बताया कि रात में बड़गांव इलाके में जा रहे कार में राहगीरों ने गाड़ी की लाइट में तीन तेंदुए देखे हैं, जो नाले के पुल के पास खड़े थे। टीम ने पैरों के निशान देखकर तेंदुआ होने की पुष्टि की है।
फिलहाल टीम पकड़ने के लिए पिंजरे लाने की बात कहकर गई है। रात में जंगलों में पिंजरे लगाने की योजना है।
उधर, गांव कयामपुर, दूधली और छिमाऊ के ग्रामीण मुकेश, हसरत, महेंद्र, सोनू आदि ने बताया कि लोग जंगल में जाने को कतराने लगे हैं। ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।