मुजफ्फरनगर। एक ग्रामीण ने जानसठ थाने के मीरापुर दलपत चौकी प्रभारी से परेशान होकर इंसाफ की मांग की है। मुझे इंसाफ चाहिए, लिखी तख्ती को गले में डालकर ग्रामीण एसएसपी कार्यालय पहुंचा। एसएसपी को पत्र देकर इंसाफ की मांग की।
पीड़ित ग्रामीण रतनपुरी के गांव सठेड़ी निवासी सरफराज लगभग 22 वर्ष पहले वह अपने पैतृक गांव थाना जानसठ के गांव सैदीपुर से गावं सठेडी में आकर परिवार सहित बस गया था। ग्रामीण ने एसएसपी से शिकायत कर बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले थाना जानसठ पुलिस उसके भाई मोहिद को गांव सैदीपुर से उठाकर मीरापुर दलपत चौक पर ले गई थी। चौकी प्रभारी ने मोहिद से उसके बारे में पूछा। उसे अकारण ही पूरा दिन चौकी पर बैठाया गया। ग्राम प्रधान व गांव के मौजिज लोग चौकी पर गए। उनसे भी चौकी प्रभारी ने उसे चौकी पर पेश करने को कहा। ग्रामीण ने बताया कि वह लगभग 22 वर्षों से गांव सैदीपुर में नहीं रहता। न ही उसका वहां आना जाना है। पीड़ित ने आशंका जताई कि चौकी प्रभारी उसे झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल न भेज दे। अब से पहले नौ दिसंबर को एसएसपी कार्यालय में शिकायत करने पर बताया गया कि जानसठ पुलिस को सरफराज पुत्र यामीन की तलाश है, जबकि शिकायतकर्ता के पिता का नाम अब्दुल हमीद है। पीड़ित को एसएसपी ने जांच कराकर इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया।