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फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा सरकारी अस्पताल

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पुरकाजी। गांव तुगलकपुर में करोड़ों रुपयों की लागत से बने सरकारी अस्पताल से विभाग की अनदेखी के कारण मरीजों का लाभ नहीं मिल रहा है। चिकित्सक के तैनात नहीं होने से अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। अस्पताल पर कोई भी इमरजेंसी सुविधा उपलब्ध ना होने से ग्रामीणों को उपचार की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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पुरकाजी ब्लॉक के गांव तुगलकपुर में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा 5 करोड़ 24 लाख की लागत से एक बड़ी सीएचसी बनाई गई है। मरीजों के लिए 32 बिस्तर के अलावा डिलीवरी, एक्सरे मशीन, शुगर, आंखों की जांच, टीबी आदि रोगों की सभी सुविधाएं विभाग को उपलब्ध कराने के साथ ही करीब 60 कर्मचारियों की सीएचसी पर नियुक्ति करनी थी। सीएचसी बनकर तैयार है, मगर सुविधाएं उपलब्ध कराना तो दूर आज तक वहां पर किसी भी चिकित्सक व अन्य स्टाफ की कोई तैनाती नहीं की गई है। हाल यह है कि सीएचसी दूसरी पीएचसी के एक फार्मासिस्ट व स्वीपर के भरोसे ही चल रही है। जिससे गांव तुगलकपुर के अलावा आसपास के गांव गोधना, कमहेड़ा, नंगला दुहेली, मलकपुरा, बसेड़ी आदि गांवों के हजारों लोग जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों को उपचार कराने के लिए 12 किमी दूर पुरकाजी पीएचसी पर आना पड़ता है। सीएचसी का कार्य देख रहे फार्मासिस्ट योगेश शर्मा ने बताया कि अभी मात्र ओपीडी की सुविधा ही सीएचसी पर उपलब्ध है। अभी तक सीएचसी पर किसी भी कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई है। उनकी स्वयं की तैनाती गांव शेरपुर पीएचसी पर है मगर विभाग द्वारा उन्हें तुगलकपुर की सीएचसी पर तैनात कर रखा है। किसी भी गंभीर मरीज के आने पर उसे पुरकाजी पीएचसी पर ही भेजना पड़ता है। गांव कमहेड़ा प्रधान मगन सिंह, नवाब सिंह, भगत सिंह, गौरव चौधरी, बरन सिंह, सुधीर कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक बड़ी सीएचसी तो बना दी गई है, मगर यहां पर मात्र मरीजों को आम रोगों की मामूली दवाइयां ही मिल पाती हैं।
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विभाग में चिकित्सकों की कमी के चलते तैनाती नहीं हो पा रही है जल्द ही तैनाती हो जाने की संभावना है। - पूनम लता, प्रभारी चिकित्सक पीएचसी, पुरकाजी
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