गांव निराना के चर्चित पलायन प्रकरण में सिखेड़ा पुलिस ने बुधवार को और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कातिलाना हमले के दस में से सात आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही हमलावर पक्ष से कथित मिलीभगत के आरोपी इंस्पेक्टर व दरोगा को हटाए जाने के साथ ही ग्रामीणों में भी सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन के प्रति विश्वास फिर से बहाल हुआ है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने अब गांव से पलायन का निर्णय वापस लेने की घोषणा कर दी।
सिखेड़ा क्षेत्र के गांव निराना में पाल समाज के अजय व विवेक पर विगत 29 जून को हुए हमले के मामले में थाना पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण आक्रोशित थे। खासकर थाने के एक दरोगा द्वारा हमलावरों के परिजनों को अपनी बाइक पर बैठाकर घूमते हुए पीड़ित पक्ष पर ही फैसले का दबाव बनाए जाने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया था।
मामले में आरोपियों की दबंगई व थाना पुलिस की कार्यप्रणाली के विरोधस्वरूप गांव के आठ परिवारों ने अपने घरों पर ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिखकर गांव से पलायन की घोषणा कर दी थी। आनन-फानन में पहले एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की,
जिसमें ग्रामीणों द्वारा दरोगा महेश कुमार पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने पर उन्होंने दरोगा के साथ ही कार्रवाई नहीं करने को लेकर इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को भी जमकर लताड़ लगाई थी। बाद में डीएम राजीव कुमार शर्मा व एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने भी गांव में पहुंचकर पीड़ित पक्ष को आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के साथ ही उन्हें सुरक्षा का भी आश्वासन दिया था।
इसी दिन एसएसपी द्वारा तत्कालीन एसएचओ सिखेड़ा इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को भी पूरे मामले में लापरवाही के चलते पद से हटाते हुए इंस्पेक्टर एचएन सिंह को थाने की जिम्मेदारी सौंप दी थी। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
बुधवार को भी थाना पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों मोहसिन पुत्र हुसैन, आबिद पुत्र हारूण और अदनान पुत्र याहिया को भी गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही वारदात में नामजद दस में से सात आरोपियों को अब तक जेल भेजा जा चुका है।
उधर, अधिकांश आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित पक्ष के सतीश पाल व अन्य ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन की इस कार्रवाई से संतुष्टि जताई है। पीड़ित का कहना है कि यदि थाना पुलिस पहले ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर लेती तो यह मामला इतना तूल नहीं पकड़ पाता।
पीड़ित पक्ष ने गांव में विश्वास बहाली के लिए ग्रामीणों को समझाने बुझाने के लिए डीएम-एसएसपी के साथ ही एसपी सिटी के प्रयासों को भी साधुवाद दिया। साथ ही आशा जताई कि आने वाले समय में भी गांव में यही भाईचारे वाला माहौल कायम रहेगा।
पुरकाजी और चरथावल विधायक ने जाना पीड़ितों का हाल
निराना पलायन प्रकरण में बुधवार को भाजपा के पुरकाजी व चरथावल विधायकों ने पीड़ित पक्ष के घर पहुंचकर उनसे वार्ता करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव निराना में दूसरे समुदाय के कुछ युवकों की दबंगई से परेशान आठ परिवारों ने गांव से पलायन का ऐलान कर दिया था। इसके तहत सभी परिवारों ने अपने घरों पर ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिख दिया था।
बुधवार शाम के समय पुरकाजी विधायक प्रमोद ऊंटवाल व चरथावल विधायक विजय कश्यप निराना गांव में पहुंचे और पीड़ित पक्ष से वार्ता कर उन्हें हरसंभव मदद के साथ ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। बाद में दोनों विधायकों ने अफसरों से वार्ता कर उन्हें आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया।