मुजफ्फरनगर। खतौली उप चुनाव में भाजपा ने निवर्तमान विधायक विक्रम सैनी की पत्नी राजकुमारी सैनी को उम्मीदवार बनाया है। राजकुमारी इससे पहले कवाल गांव की प्रधान रह चुकी हैं। प्रत्याशी की घोषणा के बाद सैनी के समर्थकों का जमावड़ा कवाल स्थित आवास पर लग गया।
अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी गोपाल उपाध्याय ने 11 अक्तूबर के कवाल के बवाल में खतौली के भाजपा विधायक विक्रम सैनी को दो साल और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। सजा के बाद विक्रम सैनी की सदस्यता चली गई। चुनाव आयोग ने उप चुनाव की घोषणा की है, जिसके लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है।
उप चुनाव में टिकट के कई दावेदार भाजपा शीर्ष नेतृत्व से संपर्क में थे। लेकिन संघ पृष्ठभूमि से आने वाले निवर्तमान विधायक विक्रम सैनी अपनी पत्नी राजकुमारी सैनी को उप चुनाव का प्रत्याशी बनवाने में कामयाब रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला ने उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने की पुष्टि की है।
राजनीति में इस तरह आगे बढ़ती गई राजकुमारी
जानसठ क्षेत्र के खलवाड़ा गांव निवासी राजकुमारी की शादी कवाल गांव निवासी विक्रम सैनी के साथ हुई थीं। निवर्तमान विधायक विक्रम सैनी ने उन्हें 2005 में प्रधान पद का चुनाव लड़ाया, जिसमें जीत मिली। इसके बाद मुजफ्फरनगर दंगा हुआ और परिवार सियासत में नए सिरे से आगे बढ़ा। कवाल के बवाल में नामजद होने के बाद विक्रम सैनी जेल गए तो राजकुमारी ने ही परिवार को संभाला और मुकदमे की पैरवी की। सैनी जेल से छूटे पहले जिला पंचायत सदस्य बने और फिर खतौली से लगातार दो बार विधायक चुने गए। लेकिन विक्रम सैनी की सदस्यता जाने के बाद फिर नया मोड़ आया। ऐसे में एक बार फिर विक्रम सैनी ने राजकुमारी सैनी के नाम को आगे बढ़ाया। भाजपा ने उन्हें उम्मीदवार बना दिया है। वह कक्षा छह तक शिक्षित हैं। परिवार में बेटा प्रभात सैनी, मुकुल सैनी, बेटी प्रतिभा और रेणू हैं।
इन धाराओं में सुनाई गई थी सजा
निवर्तमान विधायक विक्रम सैनी को धारा 147, 158, 336, 149, 504, 506 और 7 क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट के अंतर्गत सजा सुनाई गई थी। धारा 307 में सैनी को दोषमुक्त करार दिया गया था। पुलिस ने उनके हाथ में बलकटी दिखाई थी।
यह था मामला
कवाल कांड के बाद गांव में तनाव का माहौल था। 29 अगस्त 2013 को दोपहर 12 बजे दोनों समुदाय के लोग आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए एक-दूसरे के सामने आ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव किया। लाठी डंडे और अवैध हथियारों से हमला किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। 15 आरोपी दोषमुक्त हो गए। मुकदमे के ट्रायल के दौरान एक अभियुक्त की मौत हो गई थी।
जब कवाल छावनी बना था, तब कहां थे जयंत : राजकुमारी
भाजपा प्रत्याशी ने राजकुमारी सैनी ने कहा कि सपा सरकार ने अत्याचार किए थे। उनके पति ने हमेशा समाज की सेवा की है। अब भाजपा ने फिर से उनके परिवार पर भरोसा जताया है, जिस पर परिवार खरा उतरेगा। मेरे पति समाज के जेल गए थे, रासुका झेल चुके हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब कवाल गांव छावनी बना था तब रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह कहां थे। भाजपा के निवर्तमान विधायक विक्रम सैनी ने कहा कि उनकी पत्नी लक्ष्मी का रूप है। हमेशा परिवार के लिए संघर्ष किया है। खतौली में फिर से जीत होगी।
भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी सैनी ने पर्चा खरीदा
मुजफ्फरनगर। खतौली विधानसभा सीट के लिए अभी तक एक भी नामांनक पत्र दाखिल नहीं हुआ है। मंगलवार को भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी सैनी सहित चार ने नामांकन प्रपत्र खरीदे गए हैं।
खतौली विधानसभा चुनाव को लेकर जिले में सरगर्मी बढ़ गई है। भाजपा ने निवर्तमान विधायक विक्रम सैनी की पत्नी राजकुमारी सैनी को प्रत्याशी बनाया है। मंगलवार को चार प्रत्याशियों ने नामांकन खरीदे। इनमें भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी सैनी, जिला पंचायत सदस्य प्रमोद अन्ना, संदीप, यूसुफ शामिल हैं। इस सीट के लिए अब तक 22 लोग नामांकन प्रपत्र खरीद चुके हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 17 नवंबर है। अभी तक एक भी नामांकन दाखिल नहीं हो पाया है। संवाद