मुजफ्फरनगर। दस साल पहले कांग्रेस की केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान रेल रोकने के मामले में अदालत ने कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, पूर्व विधायक उमेश मलिक एवं अशोक कंसल समेत आठ भाजपा नेताओं को दोषमुक्त करार दिया है। सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट-1 मयंक जायसवाल ने फैसला सुनाया।
तीन अप्रैल 2012 को केंद्र की कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा किसान मोर्चा ने प्रदेश भर में प्रदर्शन किया था। किसान विरोधी नीति अपनाने का आरोप सरकार पर लगाया था। वर्तमान कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व विधायक उमेश मलिक, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, शामली के पूर्व जिलाध्यक्ष पवन तरार, पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल पंवार, वैभव त्यागी और सुनील तायल समेत 12 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुुआ था। चार आरोपियों पर पहले जुर्माना की कार्रवाई हो चुकी है। राज्यमंत्री समेत आठ आरोपियों के प्रकरण में मंगलवार को फैसला सुनाया गया। अधिवक्ता श्यामवीर सिंह ने बताया कि रेलवे एक्ट में अदालत ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।
इन पर पहले लग चुका जुर्माना
प्रकरण में आरोपी रहे संजय गर्ग, दीपक अग्रवाल, विकास मिश्रा और शरद कपूर पर पहले ही पांच-पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
स्टेशन पर 27 मिनट और अदालत में 10 साल चला मामला
मुजफ्फरनगर। करीब दस साल पहले तीन अप्रैल 2012 को प्लेटफार्म नंबर तीन पर दोपहर 01:42 बजे ट्रेन पहुंची थी। स्थानीय भाजपा नेता 01:48 बजे इंजन पर चढ़ गए और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। निर्धारित समय पर ट्रेन 01:58 बजे गंतव्य को रवाना हुई थी। भाजपा नेता दोपहर 02:15 बजे रेलवे स्टेशन से वापस लौट गए थे। रेलवे स्टेशन पर 27 मिनट हंगामा चला था, जबकि अदालत का फैसला आने में 10 साल का समय लगा।
इनकी हुई गवाही
ट्रेन चालक चालक कंवरपाल सिंह, निरीक्षक सीटू राम, निरीक्षक एम असलम, सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह समेत हेड कांस्टेबल की गवाही हुई।
हमें कानून से इंसाफ मिला : कपिल देव
कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि हमें कानून से इंसाफ मिला है। भाजपा नेताओं पर गलत तरीके से मुकदमा दर्ज कराया गया था।