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वीडियो वायरल प्रकरण : जो हुआ, वो सब दबाव बनाकर कराया गया

Tue, 07 Aug 2018 12:14 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
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जैनमुनि नयन सागर जी महाराज। - फोटो : अमर उजाला
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जैन मुनि नयन सागर से जुड़े वीडियो मामले में खतौली की युवती ने अपना वीडियो बयान जारी किया है। वहलना प्रवास के दौरान की वीडियो क्लिप में दिखाई दी युवती ने कहा कि 28 जुलाई को जो वीडियो वायरल हुआ है, वो सब दबाव बना कर कराया गया था, जो कि सब झूठ है। हरिद्वार के बहादराबाद थाने में 31 जुलाई को एक इंजीनियरिंग कॉलेज की असिस्टेंट टीचर के अपहरण का मुकदमा खतौली निवासी उसके पिता ने दर्ज कराया था, जिसमें जैन मुनि नयन सागर को आरोपी बनाया गया था।
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तीन अगस्त को बहादराबाद थाने अकेली पहुंची युवती कोर्ट में बयान देकर कहीं चली गई थी। खतौली से परिजन भी उसे ढूंढने हरिद्वार और देहरादून गए थे। वहलना प्रवास में 23 और 24 जून की तारीखों की वीडियो क्लिप में उक्त युवती के होने की पुष्टि स्वयं परिजनों ने भी की थी। सोमवार को अचानक युवती के दो वीडियो क्लिप सामने आए, जिसमें उसने अपनी बात रखी है।

युवती बोली, जैन मुनि निर्दोष
युवती कहती हैं कि आप सभी को मेरा सादर जय जनेंद्र, मैं आप सभी से यह कहना चाहती हूं कि जो वीडियो वायरल हुआ है 28 तारीख को, उसमें मैं आपसे यही कहना चाहूंगी। वो एक दबाव बना कर कराया गया था जो कि सब झूठ है। लेकिन आप लोग कैसे भक्त है और कैसा यह जैन समाज है, जिसने यह बोल दिया कि महाराज ने ऐसा गलत काम किया है, जबकि ऐसा नहीं किया। उपाध्याय नयन सागर महाराज और कृति जैन, इसमें दोनों जो पात्र निभाए गए हैं, वो दोनों निर्दोष है। जो कि दबाव में काम कराया गया है। मैं आप सबसे यह कहना चाहूंगी, जो ये लोग जिन्होंने ये दबाव लेकर ये काम कराया है, वो वीडियो बहुत जल्दी वायरल होगा। महाराज और मैं दोनों ही बिल्कुल निर्दोष हैं।  
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देहरादून से तो जारी नहीं हुआ वीडियो बयान
मुजफ्फरनगर। खतौली की युवती का ये वीडियो बयान कहां रिकार्ड किया गया है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। अनुमान है कि देहरादून में फिलहाल उसकी मौजूदगी है और वहीं से ये वीडियो बयान जारी किया है। क्योंकि वह अभी तक अपने घर परिवार खतौली नहीं लौटी है। यह भी स्पष्ट है कि वीडियो में युवती ने लिखे बयान को पढ़ा है। यह भी तय है कि मामले के पटाक्षेप में जुटे जैन समाज के एक बड़े वर्ग ने युवती को सामने आने के लिए तैयार किया, ताकि वायरल वीडियो से उपजी असमंजस की परिस्थितियों को संभाला जा सके। जारी की गई दोनों वीडियो अलग-अलग वक्त में रिकॉर्ड की गई है। युवती की ड्रेस यह पुष्टि करती है। वीडियो एक ही कमरे में बनी है।

अनुपम जैन और रजनीश ने दी  थी वीडियो वायरल की धमकी
मुजफ्फरनगर। वीडियो वायरल मामले में बयान जारी कर खतौली की युवती ने जैन समाज के दो लोगों पर साजिश के आरोप लगाए है। दूसरे वीडियो बयान में उसने कहा कि अनुपम जैन ने उससे कहा था कि हम यह वीडियो वायरल कर देंगे, मलयेशिया की जिप से और रजनीश ने भी। युवती ने जिन लोगों का नाम लिया है, उनमें से एक खतौली और दूसरे मुजफ्फरनगर के निवासी है।

सोशल मीडिया पर युवती ने जो बयान जारी किया है, उसमें वह जैन मुनि को संबोधित करते हुए कहती है कि  जैसे की महाराज ये वीडियो वायरल हुई है, उसका पात्र मुझे और आप को बनाया गया है। जबकि मुझे नहीं पता था कि उसमें पात्र आप भी बनाए जाएंगे। ये मुझे बहुत अंत में पता लगा 28 तारीख को, जबकि मुझे अनुपम जैन ने कहा कि हम ये वीडियो वायरल कर देंगे मलयेशिया की जिप से और रजनीश कर देंगे।

मैं आपसे कहना चाहूंगी महाराज श्री मुझे क्षमा करें।  खतौली की युवती ने बयान में अपने डिवॉर्स मामले का भी जिक्र किया है। पति से संबंध विच्छेद का मामला मुजफ्फरनगर कोर्ट में विचाराधीन है। दोनों परिवारों में समझौता शपथ पत्र दिए जा चुके है। बयान में वह कहती है कि अगर मुझे पता होता और डिवॉर्स की भी ऐसी बात थी तो मैं यह करती नहीं। महाराज  शायद मैं आपको अब फेस भी नहीं कर पाऊं, इसलिए मैं आपसे क्षमा चाहती मांगती हूं।

हनी ट्रेप के जाल में तो नहीं फंसे जैन मुनि ?
वहलना प्रवास के वीडियो में दिखाई दी युवती का बयान भले ही सामने आ गया है, मगर अभी तक भी पूरे घटनाक्रम के पीछे का सच छिपा हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है क्या जैन मुनि नयन सागर हनी ट्रेप के शिकार तो नहीं बने हैं। वीडियो बनने के 39 दिन बाद जारी की गई। जैन मुनि नयन सागर से जुड़े हाई प्रोफाइल मामले में हर रोज नया खुलासा हो रहा है। अपहरण की कहानी बदलने के बाद वहलना के वीडियो वायरल प्रकरण में खतौली की युवती का बयान सामने आने से जैन समाज में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं है।

युवती ने अपने सफाई में जो बयान दिया है, उससे भी वीडियो मामले के पीछे का सच सामने नहीं आ सका है। वहलना अतिशय क्षेत्र में प्रवास के दौरान 23 और 24 जून को बनी जिन वीडियो क्लिप ने देश के जैन समाज को सन्न किया है, उसे बनाने, डीवीआर से निकालने और 39 दिन बाद मलयेशिया से वायरल करने की साजिश का मकसद क्या था यह अभी अबूझ पहेली है। युवती के परिजन मान चुके हैं कि वीडियो में उनकी बेटी है। चंडीगढ़ में चातुर्मास कर रहे जैन मुनि नयन सागर बयान जारी कर वहलना के वीडियो पर अपना पक्ष रख चुके है।

तमाम बातों के बावजूद यह स्पष्ट है कि 25 जून को जैन मुनि ने वहलना से विहार किया, यानि उनकी वहां मौजदूगी थी। युवती बयान में कह चुकी है कि उससे दबाव में यह सब कराया गया है। किसने कराया, क्यों कराया और वीडियो क्लिप वायरल करने में इतने दिन का वक्त क्यों लिया। अनगिनत सवालों से उलझी वीडियो वायरल की थ्योरी में अब जिन किरदारों का खुलासा हुआ उनके नाम युवती ने लिए हैं। चर्चा में यह भी है कि बड़े सौदे के लिए वीडियो बनाई गई। मतलब जैन मुनि को हनी ट्रेप में फंसाने का खेल तो नहीं खेला गया। क्योंकि सहारनपुर के नानौता में निर्माणाधीन निर्मलायतन के लिए करोड़ों रुपये का चंदा जुटाने की बातें सामने आ रही है।  

जैन मुनि के चहेतों पर उठी अंगुली  
मुजफ्फरनगर। हरिद्वार में दिल्ली रोड स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज में असिस्टेंट टीचर पद पर कार्य कर रही खतौली की युवती ने दो लोगों का नाम लेकर सनसनी फैला दी है। खतौली के अनुपम जैन और शहर के रजनीश दोनों ही जैन मुनि नयन सागर के पुराने भक्त है। अनुपम जैन का खतौली में ट्रेडिंग का कारोबार है। उनसे बातचीत हुई तो उन्होंने कहा कि मैं अभी दिल्ली में हूं। जैन मुनि से एक दशक से ज्यादा समय से जुड़ा हूं, जानबूझ कर मेरा नाम लिया जा रहा है। उधर, नई मंडी निवासी रजनीश वहलना प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष का दायित्व निभा रहे है। युवती द्वारा उनका नाम लिए जाने पर प्रबंध समिति ने कहा कि कोई किसी का नाम ले दे, क्या इससे दोष सिद्ध हो जाता है।

देहरादून-हरिद्वार में चाचा को कहीं नहीं मिली भतीजी
खतौली (मुजफ्फरनगर)। देहरादून व हरिद्वार में रविवार को चाचा ने कथित अपहृत छात्रा को तलाश किया, लेकिन वह नहीं मिली। निराश होकर घर लौटे चाचा का कहना है कि भतीजी को सब जगह तलाश किया। इसके बावजूद उसका कहीं पता नहीं चल सका है। चाचा का कहना है कि उनको नहीं मालूम पड़ रहा है कि उनके साथ क्या राजनीति खेली जा रही है। तीन अगस्त को बहादराबाद पुलिस द्वारा छात्रा के कोर्ट में बयान करा देने के बाद घर वापस नहीं लौटने से परिवार सदमे में है।

बेटी के सदमे में मां बीमार भी है। पिता का बेटी के बिना कारोबार मेें भी मन नहीं लग रहा है। भतीजी की तलाश में चाचा का भी बुरा हाल हो चुका है। चाचा भी आखिरकार थक हारकर देहरादून से सोमवार को घर लौट आए हैं। चाचा का कहना है कि उनकी भतीजी को दबाव में लेकर कोर्ट में बयान दिलवाए गए हैं। उसके बाद उसको डरा धमका करके कहीं भेज दिया गया, ताकि वह अपने परिजनों के समक्ष उनकी सच्चाई उजागर न कर दे।
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