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पाकिस्तान का वीडियो प्रकरण: कबाड़ी, फेरी और सब्जी वाले ने खोली नफरत की दुकान, बिगाड़ना चाहते थे माहौल

Mon, 21 Jul 2025 09:48 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

Muzaffarnagar News: इस समय कांवड़ यात्रा चल रही है। ऐसे में पाकिस्तान का वीडियो मुरादाबाद का बताकर वायरल करने के पीछे एक सोची समझी साजिश लग रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। 
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पुलिस की गिरफ्त में तीनों आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दंगे का दंश झेल चुके जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान फिर नफरत का जहर घोलने की कोशिश की गई। ककरौली का कबाड़ी मनशेर (45), सब्जी बेचने वाला नदीम (25) और फेरीवाला रहीस (35) व्हाट्सएप ग्रुप में नफरत की दुकान खोलकर बैठ गए। मुरादाबाद और बजरंग दल का नाम लिए जाने पर पुलिस सक्रिय हुई तो खेल खुल गया। आरोपियों के साथी सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नहीं, बल्कि कईं राज्यों में फैले हुए हैं।
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एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब कर रहे थे। ग्रुप के सदस्यों और तीनों आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस टीम मुरादाबाद भेजी गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के साथी इस प्रकार का काम करने के लिए विभिन्न राज्यों में डेरा डाले हुए हैं।
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम भेजी गई है। अवैध क्रियाकलाप, देश विरोधी गतिविधि में संलिप्त होना और धार्मिक भावनाओं को भड़काने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गैंगस्टर लगाने की तैयारी भी चल रही है। आरोपी नदीम और रहीस ने कक्षा पांच तक की पढ़ाई की है, जबकि मनशेर कक्षा छह तक पढ़ा है।
 

पाकिस्तान से किसने भेजा वीडियो
पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि आरोपियों को पाकिस्तान का यह वीडियो किसने भेजा। अगर सोशल मीडिया से लिया गया तो किसने सहयोग किया। किसके कहने पर आरोपियों ने वीडियो को मुरादाबाद और मंसूरपुर का कहकर वायरल किया।

एक साल पहले पाकिस्तान में हुई थी घटना
डीआइजी अभिषेक सिंह ने बताया कि ककरौली थाने में मुकदमा दर्ज कर टीम गठित की गई। सुबूत मिलने पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने ही पुलिस को बताया कि वायरल वीडियो पाकिस्तान के मुजफ्फरगढ़ की अप्रैल 2024 में हुई घटना की है। जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और सात बच्चों की कुल्हाडी से काटकर हत्या कर दी थी। इसी वीडियो को मुरादाबाद और मंसूरपुर का दर्शाते हुए जातीय जहर खोलने की कोशिश की गई। लोगों को घटना का हवाला देकर उकसाया जा रहा था।
 

इन व्हाटसएप ग्रुपों में वायरल की वीडियो
- खिदमत अब्बासी ग्रुप, मेरठ, 450 सदस्य
- प्राउड इंडियन मुस्लिम, मुरादाबाद, 450 सदस्य
- मुस्लिम समाज जिंदाबाद, मुजफ्फरनगर, 150 सदस्य
- ऑल इंडिया एंपलॉयर ग्रुप, 850 सदस्य
- ककरौली युवा एकता, मुजफ्फरनगर, 150 सदस्य
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वीडियो ने कराया था मुजफ्फरनगर दंगा
वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे के पीछे भी नृशंस हत्या की वायरल वीडियो ही रही थी। असल में ममेरे-फुफेरे भाई सचिन और गौरव की कवाल में हत्या के बाद एक वीडियो वायरल की गई, जिसमें चौराहे पर युवकों की धारदार हथियार से हत्या की जा रही थी। सोशल मीडिया पर इसे कवाल की बताया गया। पूर्व विधायक संगीत सोम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में पुलिस ने एफआर लगा दी थी। पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई कि वह वीडियो वास्तव में कहां कहा था।

 
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