मुजफ्फरनगर। प्रवर्तन निदेशालय की टीम अपनी गाड़ियों पर बोल बम के स्टीकर लगाकर पहुंची। पहचान छिपाने के लिए यह कदम उठाया गया था। इसके बाद गाड़ियों ने स्थानीय पुलिस की मदद से राना हाउस में प्रवेश किया। अर्धसैनिक बलों ने बाहर मोर्चा संभाल लिया। जांच टीम के पहुंचते ही राना हाउस पर सन्नाटा पसर गया।
सुजडू गांव के बाहर मेरठ रोड पर राना हाउस में ही पूर्व विधायक शाहनवाज राना का भी आवास है। परिसर में उन सहित उनके चाचा पूर्व सांसद कादिर राना, पूर्व विधायक नूर सलीम राना, उद्यमी जाकिर राना और हाजी कमरुज्जमां राना के आवास हैं।
मेरठ रोड से करीब 50 मीटर की दूरी पर राना हाउस का मुख्य द्वार है। जिसमें प्रवेश कर बाई ओर पर सर्वप्रथम पूर्व सांसद और उसके बाद पूर्व विधायक एवं उनकी बगल में शाहनवाज राना का आवास है। जबकि बराबर में क्रमश: जाकिर राना एवं हाजी कमरुज्जमां राना रहते हैं।
सोमवार तड़के 5:15 मिनट पर लखनऊ से पहुंची प्रवर्तन निदेशालय की अलग-अलग टीमों ने राना हाउस परिसर में प्रवेश कर पूर्व विधायक शाहनवाज राना सहित दाई ओर बाई दिशा में स्थित आवासों में जांच शुरू की।
इससे पहले मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड की ईडी अधिकारियों की ओर से जांच की जानकारी देकर गेट खुलवाया गया। उसके पश्चात अर्धसैनिक बल के दो जवानों को मुख्य द्वार पर तैनात कर अधिकारियों ने अलग-अलग घरों में जांच के लिए मोर्चा संभाल लिया। इसके साथ ही एक टीम ने मेरठ रोड पर पीएनबी शाखा के सामने स्थित कंपनी कार्यालय पर जांच शुरू की।