संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। शुकतीर्थ में सुहागिनों ने वटवृक्ष की पूजा-अर्चना की। पूजा के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि वट सावित्री प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।
पीठाधीस्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि वट सावित्री पर्व मातृ शक्ति की महानता को प्रकट करता हुआ परमार्थ का पर्व है। यह त्योहार प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। वटवृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों देवों का वास होता है। वटवृक्ष ज्ञान का प्रतीक है। भागवत पीठ के वटवृक्ष के नीचे भागवत ज्ञान का वरदान मिलता है। इस अवसर पर कथा व्यास अचल कृष्ण शास्त्री, सुमन कृष्ण शास्त्री, आशीष माधव शास्त्री, प्रधानाचार्य गिरीश उप्रैती, दीपक मिश्रा मौजूद रहे।