हाईकोर्ट के लाउडस्पीकर को बिना अनुमति के बजाने पर रोक लगाई है। सभी धार्मिक स्थलों पर बजने लाउडस्पीकरों की जांच कर अनुमति के लिए कहा गया है। इसको लेकर धार्मिक स्थलों के संचालकों ने अनुमति लेना प्रारंभ कर दिया है। सदर तहसील में अनुमति के लिए उर्दू में भरे गए रार्म को लेने से कर्मचारियों ने मना कर दिया। इस पर धामक स्थलों के संचालकों और जमियत उलमा हिंद के कार्यकर्ता भड़क गए। हंगामा होने के बाद अधिकारियों ने फार्म जमा कराए।
हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण करने के आदेश दिए हैं। जिसमें सभी धार्मिक स्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकरों की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार को कार्रवाई के लिए कहा गया है। नए फरमान से धार्मिक स्थलों के संचालकों के साथ पुजारी, मौलवियों में अफरा-तफरी का आलम बना है।
बृहस्पतिवार को सदर तहसील में विभिन्न क्षेत्रों से धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर की अनुमति लेेने के लिए संचालक एकत्र हुए थे। लोगों ने ध्वनि प्रदूषण विनियमन एवं नियंत्रण नियम 2018 के संशोधित प्रावधानों के चलते वेबसाइट से उर्दू में अपलोड फार्म को भरा है। इस फार्म का प्रिंट लेकर कुछ लोग तहसील में पहुंचे और एसडीएम कार्यालय में जमा कराने की कोशिश की।
कर्मचारियों ने फार्म को उर्दू भाषा में लेने से इंकार दिया। इसको लेकर कर्मचारियों और अनुमति लेने आए लोगों के बीच बहसबाजी हो गई। खबर मिलने पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के जिला महासचिव कारी जाकिर हुसैन और कार्यकर्ता तहसील पहुंचे।
कर्मचारियों की बदसलूकी पर नाराजगी जाहिर की। मामले को लेकर तहसील में हंगामा खड़ा हो गया। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र से शिकायत की। घंटों के बाद तहसील में उर्दू में भरे गए फार्म को जमा किया जा सका।
उर्दू अनुवादक बुलाए गए
मुजफ्फरनगर। लाउडस्पीकर के लिए अनुमति फार्म भरने को लेकर विभागों में उर्दू अनुवादक भी बुलाए गए हैं। सदर तहसील में अनुमति के लिए नियुक्त कर्मचारियों में उर्दू अनुवादक को भी लगाया गया है, ताकि धर्म स्थल संचालकों को कोई दुविधा न रहे।
इस प्रकार मिलेगी अनुमति
गांवों में बने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की अनुमति एसडीएम के कार्यालय में फार्म जमा कराना होगा। उसके बाद अग्रिम कार्रवाई होगी। शहरी क्षेत्र के लिए धर्म स्थलों पर स्पीकर की अनुमति के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में आवेदन किया जाएगा।