टोल प्लाजा पर बिना फास्टैग वाले वाहनों की एक लाइन करने पर लगी वाहनों की लाइन।
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चौथे दिन भी दोगुनी टोल वसूली पर हंगामा
छपार। दिल्ली-दून हाईवे स्थित टोल प्लाजा पर बिना फास्टैग वाले वाहन चालकों से दोगुनी टोल वसूली पर हंगामा लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। अनिवार्य फास्टैग के चलते टोल प्लाजा पर बृहस्पतिवार को जहां वाहनों की संख्या कम हो गई, वहीं फास्टैग बनवाने वाले लोगों की संख्या में भी कमी आई है।
दिल्ली-दून हाईवे पर बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन बिना फास्टैग लगे वाहन चालकों से टोल शुल्क की दोगुनी वसूली को लेकर हंगामा जारी रहा। कई वाहन चालकों ने दोगुना शुल्क देने से इंकार कर दिया, जिससे जाम की स्थिति बनी रही। इसी क्रम में उत्तराखंड के गांव लिब्बरहेड़ी निवासी अब्दुल रहमान ने बिना फास्टैग दोगुना टोल शुल्क देने से इंकार करने के साथ ही फास्टैग बनवाने से भी इंकार करते हुए हंगामा कर दिया। अब्दुल रहमान का कहना था कि वह पांच-छह महीने में एक बार गाड़ी से कहीं आता-जाता है। केवल इसके लिए फास्टैग बनवाने का कोई फायदा नहीं है। वहीं, जब उसे फास्टैग की जरूरत नहीं तो उससे दोगुना टोल शुल्क क्यों देना पड़ेगा।
हंगामे के चलते टोल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर डायल-112 की पीआरवी ने मौके पर पहुंचकर उसे समझा-बुझाकर शांत करते हुए टोल शुल्क जमा कराया। इसके बाद हंगामे की लगातार घटनाओं को देख पीआरवी को टोल प्लाजा पर ही तैनात कर दिया गया। वहीं, बिना फास्टैग वाले वाहन चालकों से दोगुनी टोल वसूली के चलते टोल प्लाजा पर वाहनों की संख्या में चौथे दिन काफी कमी आई। इसके साथ ही फास्टैग बनवाने वाले लोगों की संख्या भी कम हो गई है। बृहस्पतिवार दोपहर बाद तक केवल 35 ही फास्टैग बनाए गए। टोल प्लाजा के मैनेजर सुमित धनकड़ का कहना है कि एनएचएआई के नियमों का पालन किया जा रहा है। जो दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, उनके आधार पर ही टोल की वसूली करनी है।