भोकरहेड़ी में दो गोवंशों की मौत होने पर बरपा हंगामा
मोरना (मुजफ्फरनगर)। भोकरहेड़ी में नगर पंचायत की अस्थायी गोशाला में दो गोवंशों की मौत के चलते लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। नाराज लोगों ने नगर पंचायत ईओ का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्थायी गोशाला में अव्यवस्था के कारण भूख से दो गोवंशों की मौत हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाते हुए मृतक गोवंशों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। लोगों ने ईओ के विरुद्ध नामजद तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
नगर पंचायत भोकरहेड़ी की ओर से बरला व बसेड़ा मार्ग पर दो वर्ष पहले लाखों रुपये की लागत से अस्थायी गोशाला का निर्माण कराया गया था, जिसमें सरकार की ओर से प्रत्येक पशु के चारे-पानी के लिए 30 रुपये दिए जाते हैं। हाल में गोशाला में 33 पशु मौजूद हैं। मंगलवार की सुबह दो गोवंशों के मरने की सूचना मिलने पर सभासद राजीव कुमार, विपिन, डॉ. बीरपाल सहरावत, धनंजय कुमार, संजीव, रजत, लोकेंद्र सिंह, नवीन, विरेंद्र, संदीप, नीटू, अमित, रवि, जयभगवान, सचिन, मनोज, बालिंद्र, अमित, विक्की, महक सिंह आदि ने गोशाला पहुंच नगर पंचायत ईओ सुरजीत गौतम को मौके पर बुलाए जाने की मांग करते हुए मृतक गोवंशों को पोस्टमार्टम कराने आए कर्मचारियों को वापस लौटा दिया। हंगामे की सूचना मिलने पर भोपा थाना प्रभारी दीपक चतुर्वेदी ने मौके पर जाकर लोगों को बातचीत कर पोस्टमार्टम के लिए मना लिया। लोगों ने ईओ सुरजीत गौतम पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सभासद के पति रामबीर सिंह ने बताया कि दो दिन पहले एक बछड़ा मर गया था। दो गोवंश की मंगलवार की सुबह मौत हो गई। दो की हालत नाजुक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार गोवंशों के रखरखाव पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, फिर भी अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही से गोवंशों की मौत हो रही है। शासन प्रशासन को इसका संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
सिटी मजिस्ट्रेट ने ईओ को खरी खोटी सुनाई
मोरना। नगर पंचायत भोकरहेड़ी में गोवंश मरने पर ग्रामीणों की हंगामा की सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार व मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एमपी सिंह ने अस्थायी गोशाला में निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों व ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। वहीं, जांच में मौके पर चारा काटने की कुट्टी मशीन को महीनों से नहीं चलाना पाया। गया। नगर पंचायत अधिकारी सुरजीत गौतम को मौके पर बुलाकर जांच अधिकारियों ने खरी खोटी सुनाई। ग्रामीणों ने बताया कि हरा चारा न मिलने से गोवंश की मौत हो जाती है, जिसे कर्मचारियों के सहयोग से जमीन दबाकर उसका टैग दूसरे को लगा दिया जाता है। वहीं. अधिकारियों ने गोशाला में मौजूद गोवंशों को हरा चारा उपलब्ध कराए जाने व बीमार गोवंश का उपचार कराए जाने के आदेश दिए।
मोरना पशु चिकित्सा अधिकारी अखिलेश कुमार ने बताया कि गोवंश को पौष्टिक आहार नहीं मिलने से कमजोरी की हालत में पीएम रिपोर्ट में मौत होने का कारण पाया गया है। गोवंश को हरे चारा नहीं मिलना भी मुख्य कारण मौत की वजह बन जाती है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट जांच अधिकारियों टीम को भेज दी गई है। इस मौके पर डा. हरेंद्र सिंह, डा. हेमेंद्र आदि मौजूद रहे।