मुजफ्फरनगर। शहर के कंपनी बाग में जल निगम द्वारा सीवरेज से जुड़े आईपीएस प्लांट के निर्माण को लेकर कुछ लोगों ने यह कहते हुए विरोध किया है कि इसमें बदबू आएगी और यहां सुबह शाम सैर के लिए आने वालों को परेशानी होगी। विरोध को देखते हुए मौके पर पहुंची चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने निर्माण कार्य रुकवा दिया है। दूसरी तरफ जल निगम का कहना है कि पूरी प्रक्रिया अंडर ग्राउंड है, बदबू का कोई सवाल ही नहीं नहीं है। बोर्ड के प्रस्ताव के बाद ही यहां निर्माण कार्य शुरू कराया गया। अब इसे यहां से दूसरी जगह ले जाना संभव ही नहीं है।
शहर में मेरठ रोड स्थित कमला नेहरू वाटिका कंपनी बाग में जल निगम सीवरेज से जुड़े आईपीएस प्लांट का निर्माण करा रहा है। सीवर लाइन के माध्यम से समस्त पानी और कचरा यहां पंपिंग प्लांट पर एकत्र होगा। यहीं से साफ होने के बाद काली नदी में छोड़ा जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया अंडर ग्राउंड होगी। कंपनी बाग के एक कोने में ही इसके लिए पालिका के बोर्ड के प्रस्ताव के बाद जगह ली गई है। ईओ ने बोर्ड के प्रस्ताव के आधार पर जल निगम को निर्माण के लिए पत्र जारी किया है। प्लांट का निर्माण कार्य यहां कई दिन से चल रहा है। कंपनी बाग में सैर पर आने वाले और आस-पास के मकानों में रहने वाले लोग इस प्लांट का विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को इन लोगों ने एकत्र होकर प्रदर्शन भी किया।
एसडीएम सदर दीपक कुमार भी पुलिस के साथ सूचना पर मौके पर पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह और जल निगम के परियोजना प्रबंधक भीमसेन चाहर भी पहुंचे। इन लोगों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया अंडर ग्राउंड है। बदबू का कोई मतलब ही नहीं है। लोगों के विरोध को देखते हुए चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल भी कंपनी बाग पहुंचीं और निर्माण कार्य रुकवा दिया। दो दिन पहले हंगामा होने के बाद उन्होंने प्रशासन को निर्माण कार्य रुकवाने के लिए पत्र भी लिख चुकी हैं।
विरोध करने वालों में जिला बार संघ के पूर्व महासचिव प्रदीप मलिक, अमरीश चौधरी, अरविंद कुमार, शैलेंद्र मलिक, अमित कुमार, जितेंद्र चौधरी, बिट्टू, नवीन सेठ एडवोकेट, शरणवीर सिंह तोमर, नवाब सिंह, प्रदीप चौधरी, अर्जुन, युद्धेश मित्तल, दिवाकर शर्मा, सईद अहमद, जीशान, सरदार खान, राशिद, शारिक, अब्बास, सरवर, अतुल हसन, शौरण सिंह आदि मौजूद रहे। इन लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने बाद में एडीएम वित्त आलोक कुमार को ज्ञापन भी सौंपा।
पंपिंग प्लांट में बदलाव नहीं हो सकता
मुजफ्फरनगर। जल निगम के परियोजना प्रबंधक भीमसेन चाहर का कहना है कि जाट कालोनी और अन्य क्षेत्रों में जो सीवर लाइन बिछी है, वह आईपीएस प्लांट का आधार बनाकर ही बिछाई गई है। पूरी प्रक्रिया इसी प्रकार है, जिस प्रकार हमारे घर का टॉयलेट होता है, जिसमें किसी प्रकार की बदबू नहीं आती। कुछ लोब बदबू की बात कहकर भ्रम फैला रहे हैं। वैधानिक रूप से पालिका बोर्ड के प्रस्ताव और ईओ से पत्र प्राप्त करने के बाद ही निर्माण शुरू कराया गया है।
शिकायत पर मौके पर पहुंचे थे अफसर: कपिलदेव
राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल का कहना है कि कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि कंपनी बाग में प्लांट बनने से बदबू आएगी। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट और जल निगम के अधीक्षण अभियंता को मौके पर भेजा गया था। अफसरों का कहना है कि प्रक्रिया अंडर ग्राउंड है, बदबू का कोई मतलब नहीं है।
बोर्ड का प्रस्ताव दूसरी जगह का है: अग्रवाल
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि कंपनी बाग में बन रहे आईपीएस प्लांट का बोर्ड ने प्रस्ताव नहीं किया है। बोर्ड ने जो प्रस्ताव किया है वह दूसरी जगह का है।