बुढ़ाना। यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा खुलते ही सोमवार को सैकड़ों ग्राहक बैंक के बाहर इकट्ठे हुए। धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मामला बढ़ता देख बैंककर्मियों को पुलिस बुलानी पड़ी। लिखित में शिकायतें मांगी गई। दो सौ ग्राहकों ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। उधर, क्षेत्रीय कार्यालय की टीम की जांच जारी रही। कोतवाली में तहरीर दिए जाने की तैयारी चल रही है।
शनिवार को डीएवी इंटर कॉलेज मार्ग स्थित शाखा में ग्राहकों ने पहुंचकर अपने साथ हुई धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। ग्राहकों का कहना था कि पूर्व प्रबंधक रूपक राणा ने उन्हें भरोसे में लेकर खातों से रुपये निकाल लिए। क्षेत्रीय प्रबंधक युसूफ खान ने इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की है। बैंक के आईटी विशेषज्ञों की टीम भी जांच कर रही है।
सोमवार को शाखा खुलते ही बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंच गए। भीड़ बढ़ती देख यहां पर पुलिस बुलाई गई। लोगों ने अपने खाते चेक कराए और धनराशि के विषय में जानकारी भी ली है। क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक नितिन वर्मा ने बताया कि ग्राहकों ने शिकायतें की है, उनकी जांच की जा रही है। इस मामले की जांच चल रही है, इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
दिन चढ़ने के साथ ही बढ़ती गईं शिकायतें
बुढ़ाना। यूपी ग्रामीण बैंक शाखा पर दिन चढ़ने के साथ ही शिकायतें भी बढ़ती गई। बैंक के बाहर सैकड़ों ग्राहक एकत्र हो गए। शाखा प्रबंधक को खुद मुख्य गेट पर खड़े होकर एक-एक व्यक्ति को अंदर बुलाने के लिए आवाज देनी पड़ी। बैंक के मुख्य द्वार पर अंदर से ताला लगाकर गार्ड मुख्य द्वार पर तैनात रहा। दिन चढ़ने के साथ शिकायतों की संख्या भी बढ़ती चली गई। पहले ही दिन दो सौ शिकायतें आने का अनुमान है, मंगलवार को संख्या और अधिक बढ़ सकती है। संवाद
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केसीसी, एफडीआर ऋण के नाम पर धांधली
बुढ़ाना। बैंक पहुंचे नगवा निवासी तेज सिंह, बड़कता निवासी राजकुमार, ईश्वर और मनीष ने बताया कि शाखा प्रबंधक रूपक राणा समेत अन्य बैंक कर्मचारियों ने लोगों के साथ छल किया है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ग्राहकों ने हंगामा किया। आरोप लगाया कि सेविंग खाते, किसान क्रेडिट कार्ड, एफडीआर ऋण जारी कर किसान को कंगाल बना दिया है। उन्होंने शाखा प्रबंधक व आरोपी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर कविंद्र, निरंकार सिंह, विक्रम, नरेंद्र सिंह, रणजीत, जसवीर व धर्मेंद्र आदि मौजूद रहे।
इस तरह गड़बड़ी किए जाने का लगाया आरोप
- गांव बड़कता निवासी निरंकार ने बताया कि उसके सेविंग खाते से 34 लाख, विक्रम के केसीसी से 11 लाख, नरेंद्र सिंह की 17 लाख की एफडीआर पर 15 लाख का ऋण दर्शाकर रुपये निकाले गए।
- बड़कता निवासी रणजीत के किसान क्रेडिट से तीन लाख 75 हजार व सेविंग खाते से एक लाख रुपये, जसबीर के सेविंग खाते से 4 लाख तथा देवेंद्र के किसान क्रेडिट कार्ड से 8 लाख 50 हजार रुपये निकालने का आरोप है।
- कुरथल निवासी धर्मेंद्र के सेविंग खाते से 5 लाख रुपये निकालने का आरोप है। नगवा निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य तेज सिंह ने बताया कि उनके परिवार के सदस्यों के खाते से करीब डेढ़ करोड़ रुपये निकाले गए है।
खाते से 13 लाख गायब...मिले 452 रुपये
महिला पिंकी ने दावा किया उसके खाते में 13 लाख 452 रुपये थे लेकिन सोमवार को वह एंट्री कराने पहुंचे तो यहां पर सिर्फ 452 रुपये मिले। हमें अपने रुपये चाहिए। मेहनत से एक-एक रुपया जोड़कर इकट्ठा किया था लेकिन अब अपने ही रुपयों के लिए भटकने लगे हैं।
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खाते से 14 लाख गायब करने का आरोप
ग्राहक राजेंद्र ने बताया कि बैंक में 14 लाख रुपये थे लेकिन एंट्री कराने के बाद सिर्फ 800 रुपये मिले हैं। वह बेहद परेशान है। हमें अपने पूरे रुपये चाहिए। गड़बड़ी किसने की है, इसकी जांच कराना तो बैंक के अधिकारियों का काम है।
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जांच के रडार पर पूरा स्टाफ, तहरीर देने की तैयारी
बैंक ऑफ बड़ौदा से संबंद्ध यूपी ग्रामीण बैंक की बुढ़ाना शाखा का पूरा स्टाफ जांच के रडार पर है। अभी तक की जांच में कितने रुपये की गड़बड़ी सामने आई है, इस पर बैंक अधिकारी कुछ भी स्पष्ट नहीं कर सके हैं। ग्राहकों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की ठगी हुई है। उधर, पांच सदस्यीय टीम शिकायतों और खातों की जांच कर रही है। लखनऊ कार्यालय को पूरे मामले की रिपोर्ट भेज दी गई है। क्षेत्रीय प्रबंधक युसूफ खान ने कहा कि मंगलवार तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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एसएसपी कार्यालय पहुंच गए ग्राहक
बुढ़ाना से कई बैंक ग्राहक एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस कप्तान संजय वर्मा से मुलाकात कर अपने साथ हुई ठगी की जानकारी दी। एसएसपी ने धैर्य रखने और बैंक की जांच का हवाला दिया है। यह भी कहा कि तहरीर मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कराकर जांच कराई जाएगी।
बुढ़ाना में बैंक के बाहर खड़े ग्राहक : संवाद
बुढ़ाना में बैंक के बाहर खड़े ग्राहक : संवाद
बुढ़ाना में बैंक के बाहर खड़े ग्राहक : संवाद