संजीव बालियान ने खानूपुर गांव में जमीन के विवाद के मामले में पुलिस पर भ्रष्टाचार समेत गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद उनकी सुरक्षा हटा ली गई। बालियान ने सीएम को पत्र भेजा है।
भाजपा के पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान को मिली वाई श्रेणी की सुरक्षा हटा ली गई है। बालियान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनकी सुरक्षा हटाई गई। उनके ऊपर हमला हुआ तो इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार के अधिकारियों की होगी।
विज्ञापन
पूर्व मंत्री ने रविवार को खानूपुर के ग्रामीणों के साथ मंसूरपुर थाने पहुंचकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद देर रात उनके आवास से गारद, एस्कॉर्ट और चार गनर वापस बुला लिए गए। सोमवार को बालियान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा कि मुजफ्फरनगर पुलिस के भ्रष्टाचार के मामले उठाने के कारण उनकी सुरक्षा वापस ली गई है। लोकसभा चुनाव में उनके ऊपर हमला हुआ था। अगर दोबारा हमला हुआ तो इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार के अधिकारियों की होगी।
एक गनर दिया जाएगा : एसएसपी
एसएसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि नियमानुसार एक गनर दिया जाएगा। वर्तमान में केंद्रीय मंत्री को दी जाने वाली सुरक्षा वापस ले ली गई है।
भाजपा कार्यकर्ता के क्या हालात होंगे : बालियान
पूर्व मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि मुझे अपनी सुरक्षा की चिंता नहीं है। मेरी सुरक्षा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता के हाथ में है, लेकिन एक पूर्व केंद्रीय मंत्री के साथ पुलिस का ऐसा व्यवहार है तो आम भाजपा कार्यकर्ता के क्या हालात होंगे।
हल्ला बोल के बाद पुलिस को आई बालियान की सुरक्षा की याद
पिछले साल जून माह में हुए लोकसभा चुनाव में सपा के वर्तमान सांसद हरेंद्र मलिक के सामने संजीव बालियान को हार का सामना करना पड़ा था। करीब आठ माह बाद भी उनकी सुरक्षा को बरकरार रखा गया था। रविवार को खानूपुर के ग्रामीणों के साथ बेशकीमती जमीन को लेकर बालियान थाने पहुंचे तो पुलिस को उनकी सुरक्षा याद आई। एसएसपी अभिषेक सिंह ने तुरंत ही सुरक्षा वापस ले ली।
इस विवाद के बाद हटाई सुरक्षा
पूर्व मंत्री का कहना है कि मंसूरपुर डिस्टलरी के कर्मचारियों ने खानूपुर गांव में जमीन मंदिर और धर्मशाला के लिए खरीदी थी। आरोप है कि पूर्व की सरकारों में मिलीभगत कर डिस्टलरी ने यह जमीन अपने नाम दाखिल खारिज करा ली। एक जनवरी को पुलिस से मिलीभगत कर डिस्टलरी ने कब्जा कर लिया और ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज कर दिए। इसी वजह से 12 जनवरी को वह खुद मंसूरपुर थाने पहुंचे।
संगीत सोम के साथ हुई मोर्चेबंदी
पूर्व केंद्रीय मंत्री की सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम के साथ मोर्चेबंदी भी हुई। लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों के बीच खटास सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। सियासी सभाओं के दौरान भी एक-दूसरे के समर्थक नारेबाजी करते रहे। यही नहीं बालियान से नाराज भाजपा के स्थानीय नेता संगीत सोम के साथ खड़े नजर आए।
दारा सिंह प्रजापति ने जारी की थी वीडियो
बसपा के टिकट पर मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले दारा सिंह प्रजापति ने पिछले महीने मेरठ से वीडियो वायरल की थी। प्रजापति का आरोप था कि उनकी जमीन पर जो कार्यवाही की गई है, उसे कराने में बालियान का हाथ है। दोनों नेताओं के बीच लोकसभा चुनाव से ही खटास रही। बालियान की हार की वजह प्रजापति को मिले उम्मीद से अधिक वोट भी माने गए थे।