चर्चा है कि टिकट न मिलने पर इमरान मसूद ने बसपा सुप्रीमो से भी मुलाकात करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। बीते दो दिनों से इमरान मसूद अपने समर्थकों के साथ नया निर्णय लेने के लिए विचार विमर्श कर रहे हैं।
सहारनपुर जनपद और वेस्ट यूपी के कद्दावर नेता इमरान मसूद जल्द कोई नई घोषणा कर सकते है। सियासी गलियारों में उन्हें तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं।
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कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव रहे पूर्व विधायक इमरान मसूद ने 10 जनवरी को कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल होने की घोषणा की थी। दो दिन बाद वह सहारनपुर देहात से कांग्रेस विधायक मसूद अख्तर के साथ लखनऊ में जाकर अखिलेश यादव के समक्ष समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे।
बताया गया है तब उन्हें बेहट सीट से और मसूद अख्तर को सहारनपुर देहात सीट से चुनाव लड़ाने का आश्वासन मिला था। लखनऊ में इमरान और मसूद अख्तर की अखिलेश यादव से दो बार भेंट हुई। इसके बाद तीसरी बार मुलाकात के लिए उन्हें बुलाया गया।
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मसूद अख्तर का कहना है कि इसी दौरान बेहट और देहात सीट से सपा के प्रत्याशी तय कर दिए गए और तीसरी बार उनकी अखिलेश यादव से मुलाकात भी नहीं हुई। इसके बाद वे सहारनपुर लौट आए।
चर्चा है कि टिकट न मिलने पर इमरान मसूद ने बसपा सुप्रीमो से भी मुलाकात करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। बीते दो दिनों से इमरान मसूद अपने समर्थकों के साथ नया निर्णय लेने के लिए विचार विमर्श कर रहे हैं।
चर्चा यह भी है कि आजाद समाज पार्टी के नेताओं से भी उनकी वार्ता चल रही है। फिलहाल इमरान के सामने सियासी संकट खड़ा है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह जल्द कोई निर्णय लेंगे। निवर्तमान विधायक मसूद अख्तर ने बताया कि हमने सपा ज्वाइन की है। सपा में ही है। इमरान अपने समर्थकों के साथ मंथन कर रहे हैं। आगे जो राजनीतिक घटनाक्रम होगा उसी के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।