मुजफ्फरनगर। बजट में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्किल संवर्धन केंद्र खेालने की घोषणा की गई है। इससे महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर उद्यमी बनने की दिशा में कदम रख सकेंगी। योजना के मुताबिक इन केंद्रों पर महिलाओं को बाजार की मांग के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके साथ ही पहले से चल रहे कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाने और वर्किंग वीमेन के लिए हॉस्टल की सुविधा की घोषणा ने महिलाओं को राहत दी है।
सभी वर्ग की महिलाएं बन सकेगी आत्मनिर्भर
नई मंडी स्थित भगवान इंवेस्टमेंट की निदेशक शालिनी जैन का कहना है कि भले ही इस बार के बजट को चुनावी तैयारी माना जाए लेकिन इस योगी सरकार ने महिलाओं के लिए रोजगार और सुरक्षा के लिए पूरे प्रयास किए हैं। स्वयं सहायता समूह के जरिए कम पढ़ी लिखी महिलाओं को भी उनके कौशल के अनुरूप काम करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण केंद्र के जरिए महिलाओं को ओर नए रास्ते खुलेंगे।
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सुरक्षित होंगी महिलाएं तो बढ़ा सकेंगी कदम
प्रोपर्टी डीलर रोजी नागयान का कहना है कि महिलाएं अगर सुरक्षित होंगी तो वह किसी भी क्षेत्र में अपने कदम बढ़ा सकेगीं। महिलाओं को प्रोत्साहन की जरूरत है। सरकार की ओर से वर्किंग वीमेन हॉस्टल की घोषणा से सुरक्षित माहौल मिलने से कई लड़कियां आगे बढ़कर काम कर सकेेंगी।
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हुनर को मिल रहा रास्ता
पार्लर संचालिका अभिलाषा कपूर का कहना है कि महिलाओं के हुनर को रास्ता मिलेगा तो वह आर्थिक रूप से भी सशक्त बनेगी। कई बार महिलाएं जिम्मेदारियों के चलते फुल टाइम जॉब नहीं कर सकती तो ऐसे में खुद का व्यवसाय बेहतर विकल्प है। इससे वह अपने समय को अपने कार्यों के मुताबिक एडजेस्ट कर सकती है। काम और जिम्मेदारी दोनों को साथ निभाना आसान होगा।