मुजफ्फरनगर। बजट में किसानों के हित में किए गए प्रावधानों से किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों को सिंचाई के लिए निजी नलकूपों पर मुफ्त बिजली आपूर्ति जारी रखने का निर्णय लिया। जिले के कुल 48843 किसानों को लाभ मिलेगा। फैसला किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और कृषि लागत को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सिंचाई के लिए नि:शुल्क बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था को बजट 2026-27 में भी जारी रखा गया। ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि शासन की ओर से किसानों के निजी नलकूप संचालकों को यह सुविधा प्रदान की जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना के तहत किसानों को प्रति वर्ष लगभग 42 करोड़ रुपये की बिजली मुफ्त दी जा रही है, जो कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी।
कृषि क्षेत्र के लिए बढ़ाया गया बजट : अशोक
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पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में कृषि क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए करीब नौ प्रतिशत धनराशि कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के लिए आवंटित की है। किसानों के लिए मुफ्त सिंचाई बिजली और एग्री-एक्सपोर्ट हब के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देने पर मुख्य जोर दिया गया है, जो कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण और ग्रामीण समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा।
किसानों के लिए मुफ्त बिजली सराहनीय : प्रमोद
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ईंट भट्ठा निर्माता कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि बजट प्रदेश का सबसे बड़े आकार वाला ऐतिहासिक और एक समावेशी बजट है। बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य पर जोर दिया गया। किसानों को मुफ्त बिजली जारी रखना प्रशंसनीय।
कृषि बजट में वृद्धि करना अच्छा कदम : मलिक
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भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की गई। मुफ्त बिजली योजना को जारी रखा है। सिंचाई परियोजना, उन्नत बीज, कृषि यंत्रों की छूट में वृद्धि, पशुपालन के लिए अधिक खर्च करना चाहिए।