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यूपी बोर्ड के फॉर्मूले से छात्रों में कहीं खुशी तो कहीं मायूसी

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प्रधानाचार्य अनिल मित्तल। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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यूपी बोर्ड के फॉर्मूले से छात्रों में कहीं खुशी तो कहीं मायूसी
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मुजफ्फरनगर। यूपी बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट जारी करने के फॉर्मूले से छात्रों के चेहरे पर कहीं खुशी तो कहीं मायूसी देखने को मिल रही है। छात्रों का कहना है कि 12 वीं के प्री बोर्ड को अधिकतर छात्र गंभीरता से नहीं लेते हैं, जिसका परिणाम 12वीं के रिजल्ट पर पड़ेगा।
कोरोना संक्रमण के कारण सरकार ने यूपी बोर्ड के एग्जाम रद्द कर दिए गए हैं। जिसके बाद छात्रों व अध्यापकों में मार्किंग को लेकर संशय बना हुआ था। अब शासन ने यूपी बोर्ड के 12वीं कक्षा के मूल्यांकन के फॉर्मूले में 10वीं के छह विषयों के अंकों के औसत का 50 फीसदी, 11वीं परीक्षा के अंकों के 40 फीसदी अंक व 12वीं प्री बोर्ड के अंकों के 10 फीसदी अंक लेने पर मूल्यांकन के अनुसार परिणाम घोषित कराने का निर्णय लिया है। जिस पर कुछ छात्र 10वीं कक्षा के अंकों का औसत जोड़ने पर नाखुश दिखे। जबकि अधिकांश छात्रों सहित अध्यापकों ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए बोर्ड के निर्णय पर सहमति जताई है।
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- लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के इंटर के छात्र अभिनव वर्मा का कहना है कि 10वीं कक्षा के अंकों का औसत लेने से संतुष्ट नहीं हूं। 10 वीं के बोर्ड एग्जाम में गणित में 100 अंक थे। औसत से 44 अंक व अगर औसत न लिया जाता तो 50 अंक मिलते।
- इंटर का छात्र शिवा सैनी का कहना है कि यूपी बोर्ड के फॉर्मूले से संतुष्ट हूं। कोरोना संक्रमण के कारण जो भी निर्णय लिया गया है, वह सही है।
- एसडी इंटर कॉलेज की छात्रा काजल भारती का कहना है कि प्री-बोर्ड के अंक नहीं जुड़ने चाहिए थे। अधिकतर छात्र प्री बोर्ड पर ज्यादा फोकस नहीं करते।
- एमडीएस विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा दिव्यांशी राठी का कहना है कि हाईस्कूल के अंकों का औसत नहीं लिया जाना चाहिए था। इंटर की परीक्षाफल पर इसका असर पडे़गा।
- छात्र अभय का कहना है कि प्रीबोर्ड एग्जाम को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाता, इसके नंबर नहीं जुड़ने चाहिए थे। वैसे कोरोना संक्रमण के चलते सरकार का लिया गया फैसला सही है।
क्या कहते हैं शिक्षक
-एसडी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अनिल मित्तल का कहना है कि शासन का फैसला छात्रों के हित में लिया गया है। तीनों कक्षाओं के अंकों का प्रतिशत फॉर्मूला सही है। हालांकि इससे मेधावी बच्चों के आगे करियर पर असर पड़ेगा।
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- लाला जगदीश प्रसाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य हरीओम गणपति सहस्त्रबुद्धे का कहना है कि सरकार द्वारा लिया गया निर्णय कोविड काल की जरूरत है। शिक्षा विभाग द्वारा काफी सोच समझकर निर्णय लिया गया है। तीनों कक्षाओं के अंकों का समावेश होने से मूल्यांकन अच्छी प्रकार होगा।

छात्रा काजल भारती।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

छात्रा दिव्यांशी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

प्रधानाचार्य हरिओम गणपति सहस्त्रबुद्धे।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

छात्र अभय।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

छात्र शिवा सैनी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

छात्र अभिनव वर्मा।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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