उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई, जहां चार अभ्यर्थी गूगल मैप की गलती के कारण अपना परीक्षा केंद्र नहीं ढूंढ पाए और परीक्षा से वंचित रह गए। अभ्यर्थियों को मुजफ्फरनगर के दीपचन्द ग्रीन इण्टर कॉलेज में परीक्षा देनी थी, लेकिन गूगल मैप पर गलत लोकेशन दर्ज होने के कारण वे भ्रमित होकर जनपद शामली पहुंच गए।
परीक्षा के अंतिम दिन गाजियाबाद से आए चार अभ्यर्थियों ने अपने प्रवेश-पत्र पर उल्लिखित परीक्षा केंद्र, दीपचन्द ग्रीन इण्टर कॉलेज, मुजफ्फरनगर का पता लगाने के लिए गूगल मैप का सहारा लिया। दुर्भाग्यवश, गूगल मैप ने कॉलेज की लोकेशन को जनपद शामली के चंदेढी गांव में दिखाया। इस गलत दिशा-निर्देश के कारण अभ्यर्थी सीधे शामली पहुंच गए। जब तक उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ, तब तक परीक्षा का समय निकल चुका था। इस प्रकार एक तकनीकी त्रुटि के कारण इन चार युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और समाधान की दिशा
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने बताया कि प्राप्त प्रार्थना-पत्रों के आधार पर इस संबंध में गूगल और भर्ती बोर्ड से आवश्यक पत्राचार और वार्ता की जाएगी। एसएसपी ने अभ्यर्थियों की मांग पर भविष्य में परीक्षा प्रवेश-पत्रों पर परीक्षा केंद्र की लोकेशन के लिए क्यूआर कोड अंकित करने का भी सुझाव दिया है। उनका मानना है कि क्यूआर कोड के माध्यम से अभ्यर्थी सीधे सही लोकेशन पर पहुंच सकेंगे और इस तरह की असुविधा से बचा जा सकेगा।
भविष्य के लिए सबक
यह घटना न केवल अभ्यर्थियों के लिए निराशाजनक है, बल्कि यह तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता के संभावित खतरों को भी उजागर करती है। जहां एक ओर गूगल मैप जैसे नेविगेशन टूल दैनिक जीवन को सुगम बनाते हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी सटीकता सुनिश्चित करना भी अत्यंत आवश्यक है, खासकर तब जब यह महत्वपूर्ण परीक्षाओं या यात्राओं से जुड़ा हो।
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