मुजफ्फरनगर में जमीयत उलेमा ने समान नागरिक संहिता का जबरदस्त विरोध किया है। कहा है कि सरकार को धर्म की आजादी नहीं छीनने देंगे।
खालापार की मस्जिद उमर खां में हुई बैठक में जिला महासचिव करी जाकिर हुसैन ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। भारत की सुंदरता यही है कि यहां अलग धर्मों के मानने वाले लोग रहते हैं। सबको अपने धर्म का पालन करने की पूरी आजादी है। सरकार तीन तलाक, बहू विवाह और हलाला के मामले में धर्म की आजादी छीनने की कोशिश कर रही है। कल सरकार जैन समाज को कहेगी कि अपने महात्माओं और मुनियों को वस्त्र धारण कराओ और सिख समाज को कहेगी कि पगड़ी बांधना बंद करो।
अनेकता में एकता ही भारत की सच्ची सुंदरता है। जनपद में मुस्लिम पर्सनल लॉ के हक में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। 11 से 13 नवंबर को मुस्लिम समाज के कई मुद्दों को लेकर अजमेर शरीफ में अधिवेशन होगा। इस दौरान मुफ्ती बिन यामीन, मौलाना अब्दुल खालिद, सभासद नौशाद कुरैशी, अन्नू कुरैशी, इरफान, इकबाल, मआज हसन, कलीम उल्ला, अंजुम कुरैशी, अब्दुल कय्यूम, गुलजार, आदिल जिलानी, साजिद रहे।