मुजफ्फरनगर में स्पिक मैके की विरासत 2016 की श्रृंखला में एसएफ डीएवी पब्लिक स्कूल में असम के प्रसिद्ध नृत्य होत्रिय की मनोहारी प्रस्तुति से डॉ अन्वेसा महंत ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। छात्र-छात्राओं को उन्होंने असम की संस्कृति के बारे में समझाया।
डॉ अन्वेसा ने होत्रिय नृत्य की पृष्ठभूमि से अवगत कराते हुए विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए। उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित, आईआईटी गुवाहाटी में आर्टिस्ट इन रेजीडेंस डॉ अन्वेसा महंत ने शुभारंभ गुरु वंदना से किया। राग बोरारी एवं भटियाली पर आधारित 15वीं सदी के वैष्णव संत शंकरदेव की रचना पर अपनी नृत्य प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। भक्तिभाव से ओत प्रोत इस रचना को कलाकार ने बडे़ ही सधे हुए अंदाज में प्रस्तुत किया। भारत वर्ष की महिमा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को नृत्य से सक्रिय रुप से जोडे़ रखा। होत्रिय नृत्य के बारे में बताया कि यह नृत्य मंच पर जरूर आ गया है, किंतु असम में इसे नित्य प्रति मंदिर में प्रस्तुत किया जाता है। असम के प्रसिद्ध जानवरों, द्वीप एवं नदी के बारे में जानकारी दी। वैष्णव जीवन शैली से जन्मे इस नृत्य में प्राय: कृष्ण अथवा विष्णु की कथाओं को नृत्य की लास्ययुक्त शैली का वर्णन किया जाता है।
श्रीकृष्ण-सुदामा कथा और पूतनावध पर नृत्य किया। सहकलाकारों के रूप में हरी सेकिया, भूपेन राज्बोंक्षी, गौतम बायन ने कोल, बांसुरी तथा गायन के साथ कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। डीएम की पत्नी विजया सिंह, प्रधानाचार्य रेनू सिंह, एसडी पब्लिक की प्रधानाचार्य चंचल सक्सेना ने दीप प्रज्वलित किया। रेखा सचदेवा, भावना, डॉ मृदुला मित्तल, एनएन पंत, दीपा पंत, गरिमा जैन, राजकुमार अग्रवाल, बबीता मित्तल, रीता मोहन, लक्ष्मी तिवारी, राधा मोहन तिवारी, अभिनव, गोविंद, हर्ष, सागर, यश, रक्षा का योगदान रहा।