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वाजिब दाम नहीं मिलने पर उजाड़ी सब्जी की फसलें

Wed, 06 Jun 2018 12:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
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farmer - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। सब्जियों के वाजिब दाम नहीं मिलने से किसान खेतों में लौकी और कद्दू की फसल उजाड़ने लगे हैं। गंगा खादर के सब्जी उत्पादकों को मंडी तक सब्जियों को लाने की खर्च भी नहीं मिल रहा है। कई साल बाद सब्जी के भाव नहीं मिलने से मंडी में भी मायूसी छाई है। मिर्च, टमाटर और मूली की फसल बुवाई करने वाले किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बसेड़ा के किसान तूफेल अहमद ने बताया कि मिर्च की तुड़ाई छह रुपये प्रति किलो है और मंडी में रेट पांच रुपये किलो का मिल रहा है।  
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देशभर का किसान सब्जी और दूध के भाव नहीं मिलने से सड़कों पर हैं। जिले के हालात भी अलग नहीं है। लौकी और कद्दू के रेट मंडी में लगातार एक माह तक दो और तीन रुपये किलो के रहे। किसानों का अपने खेतों से मंडी तक का खर्च भी नहीं निकला। गंगा खादर के दर्जन भर गांवों के किसानों ने घाटे को देखते हुए बड़ी संख्या में लौकी और कद्दू की बेल फाड़ डाली। आढ़ती किशनलाल कश्यप का कहना है कि बीते चार-पांच दिन से लौकी की स्थिति में सुधार है। इसका कारण यह है कि आपूर्ति कम हुई है। आढ़त पर लौकी लेकर आए मजलिसपुर तौफीर के किसान सीताराम ने बताया कि उसके गांव के बीस किसान लौकी की बेल फाड़कर फसल उजाड़ चुके हैं।

मंडी में मंदी के चलते उन्होंने ऐसा किया। अब मंडी में लौकी के दाम बढे़ हैं, जिन किसानों के पास लौकी बची है, उन्हें मुनाफा हो सकता है। कद्दू के दाम अब भी पुरानी स्थिति में ही है। मंडी में तीन रुपये किलो से ऊपर के दाम नहीं है। मंडी में मिर्च और कद्दू लेकर आए  बसेड़ा के तूफेल अहमद ने बताया कि मिर्च की खेत से तुड़ाई करने वाले छह रुपये किलो लेते हैं। बाजार में रेट पांच रुपये किलो का मिल रहा है।
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कद्दू की हालत सबके सामने है। अब किसान क्या करें, कहां जाएं। मंडी आढ़ती जयसिंह ने बताया कि सब्जी मंडी में मूली मात्र तीन रुपये किलो, टमाटर चार रुपये किलो, बंद गोभी पांच रुपये किलो बिक पा रही है। इनमें किसानों को सीधे घाटा हो रहा है।

आंधी ने उजाड़ दी आम की फसल
आंधी में आम की फसल काफी मात्रा में गिर गई है। यही कारण है कि कच्चे आम के रेट बहुत कम हो गए हैं। मंडी में आम का कट्टा 50 रुपये का बिका। कच्चा आम जहां दो से तीन रुपये किलो बिक पाया, वहीं पका आम भी थोक में मात्र 10 से 15 रुपये किलो ही बिका। लोगों ने आचार डालने के लिए कच्चे आम की खरीदारी भी की। आंधी के बाद बड़ी मात्रा में कच्चा आम मंडी में आ गया है। आढ़ती हाजी शरीफ ने बताया कि तेज आंधी में आम की काफी फसल टूटी है।
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