गन्ना आयुक्त लखनऊ ने मंसूरपुर गन्ना समिति के दो संचालकों अरुण बालियान और रुपेंद्र को उनके पदों से हटा दिया है। दोनों वर्तमान में गन्ना समिति के चेयरमैन व गन्ना परिषद के चेयरमैन के पद पर थे। दोनों संचालक लगातार गन्ना समिति के तीसरी बार संचालक चुने गए थे, जबकि नियमानुसार दो बार से अधिक संचालक पद पर नहीं चुना जा सकता है।
एक मई 2019 को मंसूरपुर गन्ना समिति के संचालक भूपेंद्र राठी ने गन्ना आयुक्त को भेजे शिकायती पत्र में बताया था कि गन्ना समिति के दो संचालक अरुण बालियान और रुपेंद्र तीसरी बार संचालक पद पर चुने गए हैं। यह उत्तर प्रदेश गन्ना सहकारी समिति नियमावली के विरुद्ध है। उन्होंने गन्ना आयुक्त को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा था कि 24 अप्रैल को खतौली गन्ना समिति के संचालक एवं पूर्व चेयरमैन ऋषिपाल भाठी को तीसरी बार संचालक पद पर चुने जाने को लेेकर नियम के विरुद्ध मानते हुए उन्हें हटाया जा चुका है। गन्ना आयुक्त लखनऊ संजय आर भूसरेड्डी ने इसी आधार पर 14 जनवरी को दिए अपने निर्णय में अरुण बालियान व रुपेंद्र को उनके पदों से हटा दिया है।
वहीं बुधवार को गन्ना आयुक्त के आदेश की प्रति जिला गन्ना अधिकारी व मंसूरपुर गन्ना समिति व अन्य संबंधित विभागों में पहुंच गई। इसी आदेश पर अरुण बालियान व रुपेंद्र को समिति के संचालक पद से हट गए हैं। इस आदेश पर ये दोनों गन्ना समिति व गन्ना परिषद के चेयरमैन पद से भी हट गए हैं। अरुण बालियान व रुपेंद्र दोनों लगातार 2006 से संचालक पद पर निर्वाचित होते आ रहे हैं। अरुण बालियान लगातार तीसरी बार निर्विरोध संचालक पद के लिए चुने गए थे। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान अरुण बालियान के चचेरे भाई हैं। बुधवार को गन्ना समिति के संचालक प्रमोद कुमार पुत्र ईश्वर सिंह ने जिला गन्ना अधिकारी व मंसूरपुर गन्ना समिति के सचिव को गन्ना आयुक्त के आदेश की पति के साथ प्रार्थना पत्र दिया है कि जब गन्ना समिति के दो संचालक हट गए हैं, तो अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रबंध समिति की बैठक बुलाई जाए।
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