मुजफ्फरनगर। कोर्ट ने 2013 के सांप्रदायिक दंगे के दौरान आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया जबकि तीसरे आरोपी के लगातार फरार रहने के कारण उसकी फाइल अलग कर दी गई।
थाना क्षेत्र के गांव फुगाना निवासी रियाज हसन ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि आठ सितंबर 2013 को वह अपने घर पर मौजूद था। फुगाना के आरोपी गौरव, विक्की और योगेश के साथ अन्य लोगों ने उनके घर पर हमला बोल दिया था। आरोपियों ने जेवर, कपड़ा सहित एक लाख रुपये नकदी लूट ली थी। घर में बंधी दो गाय, दो भैंस और घोड़ी भी खोल ले गए थे। जाते समय आरोपियों ने घर में आग भी लगा दी थी। बताया कि करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ था।
एसआईटी की ओर से मुकदमे की विवेचना कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट-2 में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी योगेश की फाइल अलग कर दी गई जबकि अन्य दो आरोपी गौरव और विक्की के मामले में सुनवाई जारी रही।
दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।