मुजफ्फरनगर। गौड़ीय मठ में बच्चों का यौन उत्पीड़न किए जाने के मामले में पॉक्सो कोर्ट में ट्रायल शुरू हो गया। शुक्रवार को अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य प्रस्तुत किए। एक पीड़ित बच्चे की गवाही कराई गई। गवाही पर बचाव पक्ष की जिरह जारी है। अदालत ने अब 25 सितंबर की तारीख लगाई है।
चाइल्ड हेल्प लाइन ने जुलाई माह में कार्रवाई करते हुए शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ से दस बच्चों को मुक्त कराया था। बच्चों के बयान और मेडिकल जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने पर मठ संचालक भक्ति भूषण गोविंद और उसके शिष्य कृष्ण मोहनदास के खिलाफ संबधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आरोपी मठ संचालक और उसके शिष्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मिजोरम के मामित जिले के छह और त्रिपुरा के नॉर्थ त्रिपुरा जिले के चार बच्चों के साथ गौड़ीय मठ में यौन शोषण होने के मामले में भोपा पुलिस न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संजीव कुमार तिवारी की अदालत में इस मामले में अब ट्रायल शुरू हो गया है। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो की ओर से शुक्रवार को कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। एक पीड़ित बच्चे की कोर्ट में गवाही कराई गई। बच्चे की गवाही पर बचाव पक्ष की ओर से जिरह की गई, जो जारी है। कोर्ट ने इस संबंध में 25 सितंबर का तारीख लगाई है।