बस के लिए भटकते रहे यात्री
मुजफ्फरनगर। भाकियू द्वारा नेशनल हाईवे समेत जिले भर की मुख्य सड़कों चक्का जाम किए जाने के कारण रोडवेज की बसें तीन घंटे तक नहीं चली। जो जहां थी, उसे वहीं पर रोक दिया गया। डिपो पर भी दर्जनों बसें खड़ी रहीं। बसों के लिए यात्री भटकते रहे। तीन घंटे तक बसों का संचालन ठप रहने से डिपो को करीब तीन लाख रुपये राजस्व की हानि हुई। दोपहर में ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ रही।
भाकियू ने बुधवार को सुबह 11 बजे से चक्का जाम की घोषणा की हुई थी। नेशनल हाईवे पर नावला कोठी, जड़ौदा, रामपुर तिराहा, भूराहेड़ी चेक पोस्ट के अलावा बिजनौर, सहारनपुर, बड़ौत, शामली, मेरठ-करनाल मार्ग पर किसानों ने जाम लगाया था। यह जाम 11 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक रहा। इस अवधि में रोडवेज की बसें नहीं चली। जो बस जहां थी, उसे वहां पर रोक दिया गया। डिपो पर भी करीब तीन दर्जन बसें खड़ी रहीं। बसों का संचालन तीन घंटे तक ठप रहने से यात्री रोडवेज बस स्टैंड, महावीर चौक, वहलना चौक पर भटकते रहे। दो बजे के बाद बसों का संचालन सुचारु हुआ। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि तीन घंटे तक बस नहीं चलने से निगम को करीब तीन लाख रुपये के राजस्व की हानि हुई है।
शांति पूर्वक रहा भाकियू का जाम
मुजफ्फरनगर। गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतर कर आंदोलन कर रहे भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने बुधवार को आंदोलन शांति पूर्वक किया। कई स्थानों पर सांकेतिक जाम लगाया। एंबुलेंस, स्कूली बसों और दोपहिया वाहनों को नहीं रोका गया। उन्हें जाने दिया गया। इतना ही नहीं, जाम में फंसे काफी लोगों ने जब बताया कि उन्हें फ्लाइट पकड़नी है तो आंदोलनकारियों ने उन्हें भी जाने दिया। एसपी सिटी सतपाल आंतिल ने बताया कि भाकियू का आंदोलन पूर्णतया शांतिपूर्वक रहा।