शामली, बागपत व मेरठ के लिए भी महत्वपूर्ण :
- सुमित कैल गिरोह ने शामली के थानाभवन में अंजाम दी थी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। शामली के थानाभवन में 12 साल पहले सिपाही की हत्या कर रायफल लूटने के मामले में आज अदालत का फैसला आने की संभावना है। सुनवाई पूरी हो चुकी है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी बुधवार को सुनवाई करेंगी।
थानाभवन थाने की मस्तगढ़ पुलिया पर 12 अक्तूबर 2011 को अज्ञात बदमाशों ने सिपाही कृष्णपाल और अमित कुमार पर जानलेवा हमला कर रायफल लूट ली थी। अस्पताल ले जाते हुए मेरठ निवासी कृष्णपाल की मौत हो गई थी। तत्कालीन एसओ अरुण कुमार त्यागी ने मुकदमा दर्ज कराया। जांच के बाद 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। पुलिस ने दोनों राइफल बरामद कर ली थी।
प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-10 में हुई। फैसले के लिए 27 सितंबर नियत की गई थी। पुलिस ने शामली के कैल शिकारपुर निवासी नीटू कैल, धर्मेंद्र, बागपत के अमित, संजीव, चांदनहेड़ी निवासी मनोज, मोनू कैल, सुमित कैल, ओमकारी, अमित, ऋषिपाल, सुधीर, सत्यपाल, निशा, विकास, यशपाल और संजय के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
विक्की त्यागी हत्याकांड में आज सुनवाई
मुजफ्फरनगर। आठ साल पहले पेशी के दौरान कुख्यात विक्की त्यागी की हत्या के मामले में बुधवार को सुनवाई होगी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परमिंदर सिंह ने बताया कि सुनवाई के लिए 27 सितंबर की तिथि तय है। मुख्य आरोपी सागर मलिक नैनी और सौरभ मलिक लखनऊ जेल में बंद है। दोनों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ही कराई जाती है। अदालत ने दोनों आरोपियों को व्यक्तिगत पेशी कराए जाने पर रोक लगा रखी है।