शामली। आंखों में आंसू, हाथ में हथौड़ा। तिनका-तिनका जोड़कर कभी सपनों का आशियाना बनाया था, आज खुद ही उसे तोड़ते हाथ कंपकंपा रहे हैं। करें भी तो क्या, नेताओं से लेकर अफसर, सब चुप्पी साध गए हैं। बस यही आस है कि बेघर होते लोगों को मुआवजा मिल जाए या परिवार को सिर छिपाने की जगह।
ये पीड़ा है टिटौली गांव के उन लोगों की, जो अपने घरों-दुकानों को खुद ही तोड़ने में लगे हैं। दरअसल, मेरठ-करनाल हाईवे फोरलेन बनाया जा रहा है। टिटौली गांव सड़क के दोनों ओर बसा हुआ है। वहां पर 50 से ज्यादा ऐसे मकान हैं, जो चौड़ीकरण की सीमा में आते हैं। पिछले दिनों गांव के लोगों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर कहा था कि वह लोग इन मकानों में दशकों से काबिज हैं।
सभी के पास उनके भवनों के बैनामे हैं। पूर्व में यहां सड़क की जो चौड़ाई थी, उसी के मुताबिक भवन बनाए गए। इसके बावजूद लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने ऐसा नक्शा लाकर सामने रख दिया, जिससे मकान ध्वस्त हो जाएंगे।
जिलाधिकारी के अलावा लोनिवि अधिकारियों ने भी कह दिया कि चौड़ीकरण तो होकर रहेगा। यह भी कहा गया कि यदि प्रशासन की तरफ से ध्वस्तीकरण हुआ, तो उसका शुल्क भी वसूला जा सकता है। साथ ही जेसीबी से तोड़फोड़ में मलबा सुरक्षित नहीं बचेगा और ज्यादा भी तोड़फोड़ हो सकती है। इसके चलते अब टिटौली गांव के लोग खुद अपने मकानों और दुकानों को तोड़ने में लगे हुए हैं।
टिटौली निवासी विमला के पति मंगलसैन की कई साल पूर्व मृत्यु हो चुकी है। सड़क किनारे उसका छोटा सा मकान चौडी़करण की जद में आ गया। पूरा मकान तोड़कर उसका मलबा उठवाकर विमला दूसरे स्थान पर ले जा रही है। यही हाल पड़ोसी धर्मपाल का है। मजदूरी कर मकान बनाया था, जो अब तोड़ना पड़ रहा है। इनके अलावा नौजी, ताहिर हसन, राजकुमार, मुनेश पाल, संजीव, बाबूराम और शिवकुमार के मकान भी चौड़ीकरण के कारण टूटने हैं।
सदमे में तोड़ दिया दम
धर्मवीर ने कड़ी मशक्कत कर मकान के आगे चार दुकानें बनाई थीं। उन दुकानों को परिवार की आजीविका बनाने की ठानी थी, लेकिन हाईवे चौड़ीकरण ने सभी सपने तोड़ दिए। धर्मवीर ने बताया कि दो दिन पूर्व जब उन्होंने खुद ही दुकानों को तोड़ना शुरू किया, तो मां बिशंबरी की सदमे से मौत हो गई।
कैसा नक्शा, अलग-अलग निर्धारण
लोक निर्माण विभाग ने जो नक्शा बताया है, उसमें टिटौली गांव में 80 फुट जमीन ली जानी है। वहीं, सिंभालका में 74 और शामली में कहीं पर 60, तो कहीं 65 फुट तक जमीन ली जाएगी। लोगों को बताया गया कि नक्शा राजस्व विभाग का है, उसी आधार पर सड़क चौड़ीकरण कराया जा रहा है।