कानून वापसी तक दिल्ली में जारी रहेगा किसान आंदोलन
मुजफ्फरनगर। किसान संगठनों ने दिल्ली में कृषि कानूनों को लेकर चल रहे किसानों के आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए सकारात्मक निर्णय की सराहना की है। किसान संगठनों के नेताओं का कहना है केंद्र सरकार जिद्दी रवैया छोड़कर किसान और आम जनता के हितों को सोचे। तीनों कृषि कानूनों को तत्काल वापस लें। किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा काले कानून वापस लेने तक आंदोलन जारी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हैं
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय किसान हितों के लिए अत्यंत सराहनीय है। हम सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते है। किसानों का खेतीबाड़ी का कार्य पहले भी ठीक चल रहा था। पूंजीपतियों के इशारे पर केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों का थोपना गलत निर्णय है। देश में किसान और आम जनता में त्राहि-त्राहि मच रही है। दिल्ली आंदोलन में कई किसान शहीद हो गए। इसके बावजूद सरकार बेफिक्र है। केंद्र सरकार जिद्दी रवैया छोड़ कर तत्काल किसान विरोधी कानून वापस लें। कानून वापसी पर ही अब किसानों की घर वापसी होगी।
-चौधरी नरेश टिकैत
राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन
तीनों कानून निरस्त हो, एमएसपी को कानून बनें
सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के प्रति जो सकारात्मक रुख दिखाया है, उसके लिए हम सर्वोच्च न्यायालय का आभार व्यक्त करते हैं। किसानों की मांग तीनों कानून निरस्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून बनाने की है। जब तक मांग पूरी नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का परीक्षण कर बुधवार को संयुक्त मोर्चा आगे की रणनीति की घोषणा करेगा।
-राकेश टिकैत
राष्ट्रीय प्रवक्ता भाकियू
अब सरकार को भी सोचना होगा
देश के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से किसान उत्साहित है। कोर्ट के सराहनीय कदम पर सरकार को सोचना होगा। अगली सुनवाई तक किसानों को दिल्ली में शांतिपूर्वक आंदोलन करने की सुप्रीम कोर्ट से अनुमति प्रदान करने का आग्रह है। कोर्ट के आदेश के बाद 26 जनवरी को किसानों से प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली स्थगित करने की उनकी निजी राय है।
ठाकुर पूरण सिंह
राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय किसान संगठन
सरकार नहीं मानती कोर्ट का निर्णय
देश की सर्वोच्च न्याय प्रणाली ने किसानों की मांगों पर दिए सकारात्मक आदेश से साफ हो गया कि है कि उनकी मांग वाजिब है। सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कराती। चूंकि किसानों को देरी से बकाया भुगतान पर ब्याज देने के फरमान को सरकार क्रियान्वयन नहीं करा रही है। सरकार नैतिकता के तौर पर कोर्ट के आदेश के बाद तत्काल कानूनों को वापस लें। कानून वापसी तक आंदोलन चलेगा।
-संजीव तोमर
राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाकियू तोमर
केंद्र के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा
--सुप्रीम कोर्ट का आदेश किसानों को राहत प्रदान करने वाला है। कृषि कानूनों को अग्रिम आदेशों तक स्थगित करने से फैसले के बाद सरकार को लाज आनी चाहिए। कोर्ट के फैसले को सरकार गन्ना ब्याज के मामले में भी अमल नहीं करती। किसानों को देरी से गन्ना भुगतान पर ब्याज देने का आदेश सरकार की फाइलों में दफन है। कानूनों की वापसी तक आंदोलन चलता रहना चाहिए।
-प्रदीप देशवाल
जिलाध्यक्ष (आईटी सेल) राष्ट्रीय किसान
मजदूर संगठन
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
भाकियू (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के आईटी सेल के जिलाध्यक्ष प्रदीप देशवाल।- फोटो : MUZAFFARNAGAR