चरथावल में पिछले एक हफ्ते से पीपलशाह और बिरालसी के जंगल में बाघ देखे जाने का हल्ला मचा हुआ है और ग्रामीण दहशत में हैं। बृहस्पतिवार को खेत पर पानी चलाने गए एक किसान के बेटे ने ईख के खेत में बैठे बाघ का फोटो खींचने का दावा किया है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब दस मिनट तक बाघ वहीं बैठा रहा और उसके बाद खेत में भीतर की ओर चला गया। हालांकि वन विभाग अधिकारियों का मानना है कि यह फोटो तराई जैसे क्षेत्र का नजर आ रहा है, फिर भी ऐहतियातन जंगल में पिंजरा लगा दिया गया है।
पीपलशाह गांव से बिरालसी-पीपलशाह मार्ग पर गुरुकुल पब्लिक स्कूल की तरफ घने जंगल है। सुबह करीब नौ बजे किसान अरविंद पुंडीर के नौकर मोतीराम और बेदा खेत में गन्ना छिलाई के लिए गए थे। उनकी नजर ईख के खेत में बाघ पर पड़ गई। उसने दूसरे खेेत में गन्ना छिलाई कर रहे भाजपा नेता राहुल के भाई मनीष उर्फ भोलू को बताया। उसने भी मौके पर जाकर देखा, तो वह भी बाघ देखकर भौचक्क रह गया। उसने एक फोटो काफी दूर से मोबाइल फोन जूम करके लिया और दूसरा फोटो कुछ नजदीक से लिया।
बाद में यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई। अरविंद पुंडीर समेत काफी ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने बाघ को देखा। लेकिन भीड़ की आवाज सुनकर वह वहां से चला गया। उसके बाद ग्रामीणों ने ईख के खेतों में चारों तरफ देखा, लेकिन बाहर निकलने की पुष्टि किसी गन्ना छिलाई करने वालो ने नहीं की। अरविंद पुंडीर ने बताया कि करीब दो दर्जन लोगों ने बाघ को देखा है। राहुल पुंडीर, अनिल पुंडीर, प्रवीण कुमार, दुष्यंत सिंह, विवेक कुमार, संदीप सिंह और सोनू आदि ने वन विभाग की टीम को सूचना दी।
एक हफ्ते से जंगलों में घूम रहा बाघ
चरथावल। बीते 27 दिसंबर को रात को पीपलशाह से कार्यकर्ता दुष्यंत पुंडीर को छोड़कर वापस आ रहे विधायक विजय कश्यप की गाड़ी के सामने बाघ आ गया था। उन्होंने वन विभाग और पुलिस को खबर की थी। लेकिन तीन दिन तक खाक छानने के बाद जंगल में कोई शिकार या पदचिह्नों के साक्ष्य नहीं मिले थे। हालांकि बिरालसी में गुरुकुल के जंगल में रूपक और जनक को खेतों में बाघ दिखाई दिया था। लेकिन कोई विश्वास नहीं कर रहा था।
वन विभाग ने लगाया पिंजरा
चरथावल। कार्यवाहक वन क्षेत्राधिकारी कुलदीप कुमार भी मानते है कि क्षेत्र में बाघ प्रजाति के जानवर का होना बड़ी बात है। उन्होंने बताया कि पैरों के निशान काफी छोटे है, वह बाघ के हैं, इसकी जांच की जा रही है। हालांकि लोकेशन के बाद बाघ होने की आशंका बढ़ गई है। उसको पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। ग्रामीणों के साथ पूरी टीम ने मौका मुआयना किया। छानबीन के बाद पूरा आंकड़े संकलित किए। उनका मानना है कि पहले मृत तेंदुआ तो कुटेसरा के जंगल में मिला था। लेकिन बाघ प्रजाति इस क्षेत्र में पहली बार देखी जा रही है। इस दौरान वन दरोगा धनी राम मौजूद रहें।
ग्रामीणों का शक मिटाने को दिखाई हिम्मत
चरथावल। कम उम्र के युवक भोलू उर्फ मनीष से जब रेंजर कुलदीप ने सवाल किया कि तुम्हें फोटो खीचतें डर नहीं लगा? तो उसने बेबाकी से जवाब दिया कि कई दिनों से पीपलशाह और बिरालसी के जंगल में तेदुंए होने की चर्चा थी। जिसे लोग अफवाह बता रहे थे। लोगों का भ्रम मिटाने के लिए उसे हिम्मत दिखाई और बाघ को कैमरे में कैद कर लिया। अरविंद पुंडीर और अनिल कुमार बताते है कि बाघ घायल भी हो सकता है, जो हमला करने में नाकाम हो। चूंकि क्षेत्र में खाने का इंतजाम करने के लिए किसी जानवर के शिकार का कोई साक्ष्य नहीं मिल पाया है।
इस इलाके में बाघ होना संभव नहीं है, फोटो में जो लोकेशन दिखाई दे रही है, ऐसी तराई में होती है। अभी तक पदचिन्ह भी नहीं मिले है। ग्रामीण लगातार कभी बाघ और कभी तेंदुआ होने की सूचना दे रहे है। विभागीय टीम को क्षेत्र में गश्त पर लगाया गया है। पिंजरा भी लगाया गया है। इस संबंध में जांच पड़ताल की जा रही है - सूरज, डीएफओ।