जानसठ में पानीपत खटीमा राजमार्ग पर ट्रक के अंदर बैठकर जाते श्रमिक।
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जानसठ (मुजफ्फरनगर)। ट्रक से अपने घर जा रहे तीन श्रमिक दम घुटने से बेहोश हो गए। ट्रक में मौजूद अन्य मजदूरों ने चिकित्सक के यहां श्रमिकों का उपचार कराया। ठीक होने के बाद मजदूर अपने गंतव्य स्थान के लिए चल दिए।
हरियाणा में स्थित एक फैक्टरी में 70-80 बिहार के श्रमिक काम करते थे। लॉकडाउन के बाद ये मजदूर वहां पर फंस गए थे। शनिवार को ये मजदूर एक ट्रक में बैठकर अपने घर जा रहे थे। दोपहर करीब तीन बजे पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर गर्मी की वजह से तीन मजदूर दम घुटने से बेहोश हो गए, जिसको लेकर अन्य ट्रक में सवार श्रमिकों में खलबली मच गई। हालांकि पानीपत खटीमा राजमार्ग से गुजर रहे राजपाल नाम के व्यक्ति को इन ट्रक सवार श्रमिकों ने रोक लिया और चिकित्सक के बारे में जानकारी की। राजपाल इन श्रमिकों को लेकर एक चिकित्सक के यहां पहुुंचा, जहां उपचार के बाद श्रमिक ठीक हो गए। इसके बाद श्रमिक अपने गंतव्य स्थान की ओर चल दिए।
95 प्रवासी श्रमिकों को भेजा घर
चरथावल। चंद्रशेखर आजाद पीजी कॉलेज से बिहार प्रांत के विभिन्न जिलों के 76 प्रवासी मजूदरों को रात में बसों के द्वारा प्रशासन ने भिजवा दिया है। श्रमिकों के साथ शनिवार रात में कॉलेज का बैटरा भी गायब हो गया। वहीं आर्य कन्या इंटर कॉलेज में पूर्वांचल से आए 19 श्रमिकों की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर घर भेज दिया। शनिवार को महाराष्ट्र में काम करने वाले क्षेत्र के 42 मजदूरों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चेकअप के बाद क्वारंटीन किया गया। राजस्व विभाग के लेखपाल केशव शर्मा ने बताया कि गांधी इंटर कॉलेज में 151 मजदूर पहले से रह रहे है। यहां तीनों केंद्रों पर 212 श्रमिक और कामगार एकांतवास में है।