सरकारी सस्ते गल्ले की कालाबाजारी के चलते जिले में छापामारी के बाद तीन दुकान निरस्त और 11 दुकान निलंबित कर दी गई हैं। खतौली के जंधेड़ी जाटान के राशन डीलर के यहां गेहूं, चावल की कालाबाजारी पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। डीएम के सख्त रवैये के चलते इस बार राशन का वितरण प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में कराया जा रहा है।
जिले में सरकारी सस्ते गल्ले के राशन में व्यापक स्तर पर कालाबाजारी हो रही है। विभाग की मिली भगत के चलते करोड़ों के राशन की कालाबाजारी प्रतिमाह हो रही है। लगातार शिकायत मिलने के बाद डीएम दिनेश सिंह ने प्रशासनिक अफसरों से जांच कराई। यही नहीं राशन वितरण अफसरों की मौजूदगी में करने के आदेश भी कर दिए।
डीएसओ मदन यादव ने बताया कि जिले में राशन विक्रेताओं पर हुई कार्रवाई में तीन दुकान निरस्त की गई हैं। इनमें परई के हरवीर, भुवापुर के नरेंद्र कुमार, हरियाखेड़ी के जयपाल की दुकान शामिल हैं। इनसे 66 हजार की धनराशि प्रतिभूति के रूप में शासन के पक्ष में जब्त की गई।
11 दुकानें निलंबित की गई। इनमें सूजडू के चंद्रकिरण, अब्दुलपुर के राजेंद्र, लकड़संधा के संजीव, बड़कली के घसीटू, खांजापुर के देशपाल, कवाल के जहीर आलम, लकड़संधा के संजीव, बाहपुर के ओमवीरी, मोहम्मदपुर सफी के जावेद, मोहउद्दीनपुर के कृष्ण कुमार, टांडा माजारा की अनीता देवी की दुकान शामिल हैं। डीएसओ ने बताया कि खतौली के जंधेड़ी जाटान गांव में बुद्धप्रकाश के यहां छापे में राशन कम पाया गया। इस संबंध में खतौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। डीएसओ ने बताया कि डीएम के आदेश पर इस बार राशन का वितरण अफसरों की मौजूदगी में कराया जा रहा है।
राशन डीलर होश में आओ, गरीबों का राशन मत खाओ
जनकल्याण उपभोक्ता समिति के बैनर तले सैकड़ों महिलाओं ने खाद्य सुरक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन खुलवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने राशन डीलर होश में आओ, गरीबों का राशन मत खाओ, के नारे लगाए। समिति के अध्यक्ष मनेश गुप्ता के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाएं पालिका प्रांगण में एकत्र होकर नारेबाजी करती हुई कचहरी पहुंची। इन महिलाओं ने डीएम को एक ज्ञापन भी दिया। ज्ञापन में कहा गया कि जिले की आम जनता को सरकारी सस्ते गल्ले का राशन नहीं मिल पा रहा है। पात्र लोगों के नाम खाद्य सुरक्षा वाली सूची में ही नहीं है।
राशन डीलर्स ने फर्जी नाम सूची में चढ़वा लिए हैं, जो पात्र ही नहीं हैं, उन्हें राशन मिल रहा है। महिलाओं ने मांग की कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन खुलवाए जाएं। जिले में छह माह खाद्य सुरक्षा कानून को लागू हुए हो गए हैं, इसके बाद भी सरकारी सस्ते गल्ले का राशन सिस्टम की भेंट चढ़ रहा है। दो रुपए किलो दिया जाने वाला गेहूं और तीन रुपये किलो दिया जाने वाला चावल एवं मिट्टी का तेल प्रशासन की मिलीभगत से बाजार में बिक रहा है। मनेश गुप्ता ने चेतावनी दी कि गरीब जनता को राशन नहीं मिला तो उनकी समिति अनिश्चितकाल के लिए कचहरी में धरने पर बैठेगी।