मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन ने विधानसभा चुनाव संपन्न कराने को लेकर नवीन मंडी स्थल के तीन चबूतरे और 44 दुकानें अधिग्रहित की हैं। मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रशासन का इस पर कब्जा रहेगा। मंडी के व्यापारियों ने आरोप लगाया कि चबूतरों पर सरकारी गेहूं और चावल का स्टॉक रखा जा रहा है। मंडी के व्यापारियों का कार्य प्रभावित हो रहा है।
विधानसभा चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियां इस बार नवीन मंडी स्थल से रवाना होगी। मतपेटियां भी कड़ी सुरक्षा के बीच नवीन मंडी स्थल पर ही रखी जाएगी। यहीं पर प्रशासन स्ट्रांग रूप बना रहा है। प्रशासन ने चुनाव की तैयारी को लेकर नवीन मंडी स्थल के तीन चबूतरे और 44 दुकानें अधिग्रहित कर ली हैं। इन दुकानों पर अब पूरी तरह प्रशासन का कब्जा होगा। वहीं दुकानों और चबूतरों को अधिग्रहित करने के बाद चबूतरों पर चावल और गेहूं का स्टॉक किए जाने का मंडी के व्यापारियों ने विरोध किया।
जिला प्रशासन के अधिकारियों के सामने व्यापारियों ने विरोध जताया कि पोलिंग पार्टियां जीआईसी मैदान से भेजी जाए। 2017 और 2019 के चुनाव से पहले पोलिंग पार्टियां जीआईसी मैदान से जाती थी। लंबा समय दुकानें अधिग्रहित किए जाने से मंडी का व्यापार प्रभावित होता है। गेहूं-चावल का स्टॉक किए जाने का मंडी एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी, अनुज कुमार, संजय मिश्रा, राजेश गोयल, नितिन सिंघल, दिनेश चौधरी, मदन, इस्तकार आदि शामिल रहे।
व्यापार होगा प्रभावित
गुड़ मंडी एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी का कहना है कि पोलिंग पार्टियां हमेशा जीआईसी मैदान से रवाना होती थी। प्रशासन ने यह कार्य भी अब मंडी से शुरू कर दिया है। अब यहां व्यापारियों को मतगणना तक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पूरी तरह खाली होंगे चबूतरे
एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि अधिग्रहित किए गए तीनों चबूतरों से गेहूं-चावल हटाया जा रहा है। जो क्षेत्र अधिग्रहित किया जा रहा है, उसमें किसी तरह की कोई आवाजाही नहीं होगी। दो चुनाव से पोलिंग पार्टियां मंडी से जा रही है, तो इस बार भी यहीं से जाएगी।