मुजफ्फरनगर। खतौली के भाजपा नेता राजा वाल्मीकि की हत्या के मामले में पूर्व चेयरमैन पारस जैन समेत तीन आरोपी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिए गए। शूटर राजू वाल्मीकि पर दोष सिद्ध हुआ। सजा के प्रश्न पर मंगलवार को सुनवाई होगी। मेरठ मेडिकल कॉलेज से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पूर्व चेयरमैन की पेशी हुई।
खतौली के कारोबारी एवं भाजपा कार्यकर्ता राजा वाल्मीकि की होली चौक स्थित दुकान पर पांच अप्रैल 2017 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई राणा प्रताप ने कसबे के मोहल्ला देवीदास निवासी राजू वाल्मीकि, गोरा उर्फ गौरव, पूर्व चेयरमैन पारस जैन और दो अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया था। पुलिस की जांच के बाद दानिश और विपुल खूनी का नाम प्रकाश में आया। अदालत से गैर हाजिर रहने के कारण विपुल खूनी की पत्रावली अलग कर दी गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि सोमवार को विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार ने सुनवाई की। साक्ष्य के अभाव में पारस जैन, दानिश और गोरा उर्फ गौरव को दोषमुक्त करा दिया गया। जबकि राजू वाल्मीकि पर दोष सिद्ध हुआ। सजा के प्रश्न पर मंगलवार को सुनवाई होगी।